जैविक कृषि कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री अरुण साव की शामिल
रायपुर। कृषि महाविद्यालय में आयोजित जैविक कृषि कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शामिल होकर किसानों को जैविक कृषि के महत्व पर जानकारी दी। इस कार्यशाला में कृषि विभाग के अधिकारियों और किसानों ने भी भाग लिया।
जैविक कृषि के फायदे
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि जैविक कृषि के कई फायदे हैं। जैविक कृषि में किसानों को कोई भी रसायनिक खाद का उपयोग नहीं करना पड़ता है, जिससे उनका स्वास्थ्य अच्छा रहता है। साथ ही, जैविक कृषि में प्राकृतिक तरीके से फसलें उगाई जाती हैं, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता भी अच्छी रहती है। उन्होंने कहा कि जैविक कृषि से किसानों की आय भी बढ़ती है और उनके पास अपनी फसलों का नियंत्रण भी रहता है।
किसानों को जैविक कृषि के लिए प्रोत्साहित
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किसानों को जैविक कृषि के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि जैविक कृषि से किसानों को अच्छी आय मिलती है और उनके पास अपनी फसलों का नियंत्रण भी रहता है। उन्होंने कहा कि जैविक कृषि के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनके तहत किसानों को जैविक कृषि के लिए सब्सिडी और अन्य सहायता प्रदान की जा रही है।
कृषि विभाग के अधिकारियों को जैविक कृषि के लिए जिम्मेदारी
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कृषि विभाग के अधिकारियों को जैविक कृषि के लिए जिम्मेदारी दी। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को जैविक कृषि के लिए प्रोत्साहित करने और उन्हें जैविक कृषि के लिए सब्सिडी और अन्य सहायता प्रदान करने के लिए जिम्मेदार हैं।
कार्यशाला के उद्देश्य
कृषि महाविद्यालय में आयोजित जैविक कृषि कार्यशाला के उद्देश्य किसानों को जैविक कृषि के महत्व पर जानकारी देना और उन्हें जैविक कृषि के लिए प्रोत्साहित करना था। इस कार्यशाला में कृषि विभाग के अधिकारियों और किसानों ने भाग लिया और जैविक कृषि के महत्व पर चर्चा की।



