राजस्थान के ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए अजमेर विद्युत वितरण निगम (अजमेर डिस्कॉम) के ब्यावर और अजमेर सर्किल को शून्य डिफेक्टिव मीटर मुक्त घोषित किया गया है। इसके साथ ही जयपुर डिस्कॉम के पांच सर्किलों को भी यह दर्जा प्राप्त हुआ है।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने सोमवार को जयपुर स्थित विद्युत भवन में आयोजित कार्यक्रम में संबंधित अधीक्षण अभियंताओं को प्रमाण पत्र सौंपे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और खराब मीटर मुक्त प्रणाली से उपभोक्ता सेवाएं और बिलिंग पारदर्शिता बेहतर होगी।
किन सर्किलों को मिली उपलब्धि
जयपुर डिस्कॉम के जिन पांच सर्किलों को यह दर्जा मिला है, उनमें शामिल हैं:
- जयपुर जिला वृत्त (दक्षिण)
- अलवर
- टोंक
- डीग
- धौलपुर
ब्यावर, टोंक और डीग सर्किलों ने कृषि सहित सभी श्रेणियों में मीटर बदले, जबकि अजमेर, धौलपुर, अलवर और जयपुर दक्षिण ने शहरी, ग्रामीण और थ्री फेज (गैर-कृषि) उपभोक्ताओं के खराब मीटरों को सफलतापूर्वक बदला।
बिलिंग में आएगी पारदर्शिता
राजस्थान डिस्कॉम्स की चेयरमैन आरती डोगरा ने बताया कि जयपुर डिस्कॉम के सभी 18 सर्किल अब गैर-कृषि श्रेणी में शून्य डिफेक्टिव मीटर मुक्त हो चुके हैं, जिससे अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम को भी प्रेरणा मिली है।
शून्य डिफेक्टिव मीटर प्रणाली से अब उपभोक्ताओं को वास्तविक खपत के आधार पर बिल मिलेगा, जिससे गलत बिलिंग और शिकायतों में भारी कमी आएगी।
राजस्व हानि में बड़ी गिरावट
खराब मीटरों के कारण जयपुर डिस्कॉम को
- 2022-23 में ₹9.41 करोड़
- 2023-24 में ₹5.41 करोड़
- 2024-25 में ₹2.04 करोड़
का नुकसान उठाना पड़ा था।
वहीं 2025-26 में यह घटकर मात्र ₹16 लाख रह गया है, जिसे जल्द ही शून्य पर लाने का लक्ष्य है।
जोधपुर डिस्कॉम भी मिशन मोड में
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अब अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम भी मिशन मोड में काम कर रहे हैं ताकि पूरे राजस्थान को जल्द खराब मीटर मुक्त राज्य बनाया जा सके।




