आसाम की प्रसिद्ध धार्मिक मेला अंबुबाची मेला आज 25 जून, 2026 को कामाख्या मंदिर में शुरू हुआ। यह मेला हर साल जून के महीने में आयोजित किया जाता है, जो पूर्वी आसाम के गुवाहाटी शहर में स्थित कामाख्या देवी मंदिर के आसपास होता है।
अंबुबाची मेला का महत्व
अंबुबाची मेला आसाम का एक महत्वपूर्ण धार्मिक त्यौहार है, जो प्रकृति के जीवन चक्र और महा देवी की शक्ति का प्रतीक है। इस मेले के दौरान, लोग भगवान शिव की पत्नी कामाख्या देवी की पूजा करते हैं, जिन्हें आसाम की संस्कृति में एक शक्तिशाली देवी माना जाता है। मेले के दौरान, शिवभक्तों के लिए एक विशेष मेला आयोजित किया जाता है, जिसमें वे अपने पैरों पर कई किलोमीटर की दूरी तय करते हुए कामाख्या मंदिर तक पहुंचते हैं।
मेले की तैयारियां
मेले की तैयारियों के लिए, आसाम सरकार और गुवाहाटी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने विशेष उपाय किए हैं। पुलिस और सुरक्षा बलों को मेले के क्षेत्र में तैनात किया गया है, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने भी विशेष सुविधाएं प्रदान की हैं, जैसे कि दवा केंद्र, जल सुविधाएं, और अन्य आवश्यक सुविधाएं।
मेले का महत्व और पौराणिक कथाएं
अंबुबाची मेला पौराणिक कथाओं और प्राकृतिक घटनाओं का एक सम्मिश्रण है। मान्यता है कि हर साल जून में जब अंबुबाची मेला होता है, तो कामाख्या देवी के मंदिर के पास एक विशेष प्रकार का जल प्रवाह होता है, जिसे ‘आम-तेस्ट’ कहा जाता है। यह जल प्रवाह प्राकृतिक और तांत्रिक शक्तियों का प्रतीक है, जो कामाख्या देवी की शक्ति को दर्शाता है।
अंतिम निष्कर्ष
अंबुबाची मेला आसाम की सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो प्रकृति के जीवन चक्र और महा देवी की शक्ति का प्रतीक है। इस मेले के दौरान, लोग भगवान शिव की पत्नी कामाख्या देवी की पूजा करते हैं, जो एक शक्तिशाली देवी मानी जाती है। मेले के दौरान, शिवभक्तों के लिए एक विशेष मेला आयोजित किया जाता है, जिसमें वे अपने पैरों पर कई किलोमीटर की दूरी तय करते हुए कामाख्या मंदिर तक पहुंचते हैं।



