एंटी करप्शन के अध्यक्ष का फाइल फोटो और पीड़ित मरीज की कहानी
रांची, झारखंड – एंटी करप्शन ऑफ इंडिया (एसीएआई) के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष रामहरि पेरियार का फाइल फोटो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें उन्हें एक पीड़ित मरीज सुरेंद्र बोयपाई के साथ देखा जा सकता है। यह फोटो एक जांच रिपोर्ट के साथ जुड़ा हुआ है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि रामहरि पेरियार ने एक निजी अस्पताल में एक मरीज को बिना इलाज के छोड़ दिया था।
पीड़ित मरीज की कहानी
सुरेंद्र बोयपाई, एक 35 वर्षीय पिता है, जो अपने 2 साल के बेटे की बीमारी के कारण एक निजी अस्पताल में भर्ती हुआ था। उसके बेटे को एक गंभीर बीमारी थी, जिसे तुरंत इलाज की आवश्यकता थी। लेकिन, अस्पताल के कर्मचारियों ने उन्हें इलाज के बजाय बिना इलाज के छोड़ दिया, जिससे उनके बेटे की स्थिति और भी खराब हो गई।
एसीएआई अध्यक्ष का फाइल फोटो
रामहरि पेरियार, एसीएआई के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष, का फाइल फोटो भी इसी जांच रिपोर्ट के साथ जुड़ा हुआ है। फोटो में उन्हें सुरेंद्र बोयपाई के साथ देखा जा सकता है, जो एक पीड़ित मरीज है। यह फोटो एक सोशल मीडिया पोस्ट के साथ वायरल हुआ है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि एसीएआई अध्यक्ष ने एक निजी अस्पताल में एक मरीज को बिना इलाज के छोड़ दिया था।
जांच रिपोर्ट
जांच रिपोर्ट के अनुसार, एसीएआई अध्यक्ष ने एक निजी अस्पताल में एक मरीज को बिना इलाज के छोड़ दिया था। मरीज की स्थिति गंभीर थी, लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों ने उन्हें इलाज के बजाय बिना इलाज के छोड़ दिया। यह घटना एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से सामने आई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि एसीएआई अध्यक्ष ने एक निजी अस्पताल में एक मरीज को बिना इलाज के छोड़ दिया था।
मामले की जांच
इस मामले की जांच के लिए एसीएआई की एक टीम गठित की गई है। टीम ने इस मामले की जांच करने के लिए एक जांच रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि एसीएआई अध्यक्ष ने एक निजी अस्पताल में एक मरीज को बिना इलाज के छोड़ दिया था। इस मामले की जांच के लिए एसीएआई की टीम ने एक निजी अस्पताल के कर्मचारियों को भी पूछताछ की है।
निष्कर्ष
इस मामले के बारे में जानकारी मिलने के बाद, यह स्पष्ट हो गया है कि एसीएआई अध्यक्ष ने एक निजी अस्पताल में एक मरीज को बिना इलाज के छोड़ दिया था। यह एक गंभीर मामला है, जिसमें मरीज की जान को खतरा हो गया था। इस मामले की जांच के लिए एसीएआई की टीम ने एक जांच रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि एसीएआई अध्यक्ष ने एक निजी अस्पताल में एक मरीज को बिना इलाज के छोड़ दिया था।



