प्रयागराज में आयोजित एक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम में जाने-माने स्पर्श चिकित्सक सतीश राय ने कहा कि एंटीबायोटिक दवाओं का ज्यादा सेवन शरीर के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे न केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, बल्कि शरीर में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया भी नष्ट हो जाते हैं।
उन्होंने बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने मन की बात कार्यक्रम में एंटीबायोटिक दवाओं के अत्यधिक इस्तेमाल पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि ठंड और शीतलहर के मौसम में कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में सर्दी-खांसी और बुखार तेजी से फैलता है, ऐसे में दवाओं पर निर्भर होने के बजाय प्राकृतिक जीवनशैली अपनाना जरूरी है।
🩺 स्पर्श चिकित्सा का महत्व
सतीश राय ने कहा कि स्पर्श चिकित्सा का उल्लेख प्राचीन और धार्मिक ग्रंथों में भी मिलता है। यह बिना किसी दवा और अधिक खर्च के शरीर को संतुलित कर रोगों से मुक्ति दिलाने का एक प्रभावी तरीका है।
🍔 खान-पान से बढ़ती बीमारियां
उन्होंने कहा कि गलत खान-पान से बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं।
1990 में जहां प्रति व्यक्ति तेल की खपत लगभग 7 किलो सालाना थी, वहीं 2024 में यह बढ़कर 20 किलो से ज्यादा हो गई है। फास्ट फूड, तले हुए खाद्य पदार्थों और जंक फूड की वजह से मोटापा और हृदय रोग तेजी से बढ़े हैं।
💊 मल्टी ड्रग रेजिस्टेंस का खतरा
सतीश राय ने चेतावनी दी कि बार-बार एंटीबायोटिक लेने से शरीर में मल्टी ड्रग रेजिस्टेंस (MDR) विकसित हो जाता है, जिसमें दवाएं असर करना बंद कर देती हैं। उन्होंने कहा कि WHO के अनुसार हर साल करीब एक करोड़ मौतें ऐसी स्थिति में होती हैं, जब एंटीबायोटिक दवाएं काम नहीं करतीं।
उन्होंने बताया कि अत्यधिक एंटीबायोटिक लेने से पेट, आंतों और लीवर में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं, जिससे त्वचा पर खुजली, एलर्जी और कई अन्य समस्याएं पैदा होती हैं।




