“मध्यप्रदेश में 99 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार, जानिए फायदे”

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99 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार

मध्यप्रदेश में अब तक 99 लाख 41 हजार से अधिक छात्रों की अपार आईडी बन चुकी है। केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर शुरू हुई यह पहल ‘वन नेशन-वन स्टूडेंट’ के तहत हर छात्र को एक आजीवन शैक्षणिक पहचान देती है।

शिक्षा से जुड़े रिकॉर्ड एक जगह

अपार आईडी के जरिए पूर्व-प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक छात्र की प्रगति को डिजिटल रूप से ट्रैक किया जा सकेगा। यह एक शैक्षणिक क्रेडिट बैंक की तरह काम करेगी, जिसमें छात्र का पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड, परीक्षा परिणाम, रिपोर्ट कार्ड, कौशल और स्वास्थ्य कार्ड भी सुरक्षित रहेगा।

राज्य बदलने पर भी आसान प्रक्रिया

अगर छात्र एक राज्य से दूसरे राज्य में जाता है, तो अपार आईडी साझा करने पर उसके सभी दस्तावेज नए स्कूल तक स्वतः पहुंच जाएंगे। इसके लिए ट्रांसफर सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होगी।

ड्रॉपआउट पर नज़र

इस आईडी के माध्यम से ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें दोबारा मुख्यधारा में लाने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह डिजिलॉकर इकोसिस्टम का प्रवेश द्वार भी है, जिससे छात्र अपने सभी शैक्षणिक प्रमाणपत्र आसानी से देख और साझा कर सकेंगे।

भविष्य के लिए उपयोगी

अपार आईडी का इस्तेमाल एनटीए की प्रवेश परीक्षाओं, छात्रवृत्ति, सरकारी लाभ और पुरस्कार वितरण में भी मान्य है। मध्यप्रदेश में वर्तमान में 65% अपार आईडी तैयार हो चुकी हैं, जो राष्ट्रीय औसत 56% से ज्यादा है।

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