अररिया में 68 पंचायत सचिव निलंबित
Araria में जिलाधिकारी Vinod Doohan ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए 68 पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया है। इन पंचायत सचिवों पर सरकारी योजनाओं, जनगणना कार्य और पंचायत स्तर की सेवाओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है।
लंबे समय से हड़ताल और अनुपस्थिति का आरोप
जारी आदेश के अनुसार संबंधित पंचायत सचिव लंबे समय से अपने कार्यस्थल से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित थे और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल रहे थे। प्रशासन ने इसे सरकारी कार्यों में बाधा और सरकारी आदेशों की अवहेलना माना है।
डीएम ने यह कार्रवाई बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के तहत की है।
कई सरकारी योजनाएं प्रभावित
पंचायत सचिवों की अनुपस्थिति के कारण कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे थे। इनमें शामिल हैं:
- जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करना
- वंशावली तैयार करना
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन सत्यापन
- मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना
- 15वीं केंद्रीय वित्त आयोग योजनाएं
- षष्ठम राज्य वित्त आयोग योजनाएं
- जनगणना कार्य
प्रशासन के अनुसार पंचायत स्तर पर दैनिक सरकारी कामकाज भी प्रभावित हो रहा था, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
पहले मांगा गया था स्पष्टीकरण
जिला प्रशासन ने पहले सभी हड़ताली पंचायत सचिवों से स्पष्टीकरण भी मांगा था। इसके बावजूद किसी प्रकार का जवाब नहीं दिया गया और अधिकांश कर्मचारी कार्यस्थल पर वापस नहीं लौटे।
निलंबन अवधि में तय किए गए मुख्यालय
डीएम के आदेश के मुताबिक निलंबन अवधि के दौरान पंचायत सचिवों के लिए अलग-अलग प्रखंड मुख्यालय निर्धारित किए गए हैं। इस दौरान उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
बीडीओ को दिए गए निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी बीडीओ को निर्देश दिया है कि संबंधित पंचायत सचिवों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर आगे की कार्रवाई के लिए जिला पंचायत राज कार्यालय भेजा जाए।



