📍 अररिया में टीबी जागरूकता की अनोखी पहल
बिहार के Araria जिले के फारबिसगंज क्षेत्र में विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर स्कूली बच्चों ने एक अनोखी पहल करते हुए मानव श्रृंखला बनाकर जागरूकता का संदेश दिया।
👨🎓 बच्चों ने बनाई ‘TB’ की मानव श्रृंखला
तिरसकुंड स्थित प्राथमिक विद्यालय आदिवासी टोला मधुरा में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों ने अंग्रेजी के अक्षर ‘T’ और ‘B’ के आकार में मानव श्रृंखला बनाकर टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास किया। यह दृश्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना।
🧑🏫 शिक्षकों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षक Kumar Rajiv Ranjan ने बताया कि हर वर्ष 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस मनाया जाता है। यह दिन 1882 में वैज्ञानिक Robert Koch द्वारा टीबी के जीवाणु की खोज की याद दिलाता है।
उन्होंने कहा कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु से होती है और मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है।
🩺 समय पर इलाज से संभव है बचाव
शिक्षकों ने बताया कि सही समय पर जांच और उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है। सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत 100 दिवसीय विशेष कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है।
🤝 न्याय और जागरूकता का संदेश
इस अवसर पर शिक्षक Ranjit Kumar Mandal ने अंतर्राष्ट्रीय सत्य दिवस का उल्लेख करते हुए समाज में न्याय और जागरूकता के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया।



