असम आबकारी नियम में बड़ा बदलाव
असम सरकार ने असम आबकारी नियम में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए नई नियमावली लागू कर दी है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद जारी किए गए इन नियमों का उद्देश्य शराब कारोबार को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है।
शराब दुकानों की दूरी तय
नए असम आबकारी नियम के तहत शराब दुकानों के बीच न्यूनतम दूरी अनिवार्य कर दी गई है। कामरूप (मेट्रो) में दो दुकानों के बीच कम से कम 500 मीटर दूरी होगी। अन्य शहरी क्षेत्रों में यह दूरी एक किलोमीटर और ग्रामीण इलाकों में दो किलोमीटर निर्धारित की गई है।
राजस्व जमा करना होगा अनिवार्य
संशोधित असम आबकारी नियम के अनुसार लाइसेंसधारकों को न्यूनतम सुनिश्चित राजस्व (एमजीआर) जमा करना होगा। निर्धारित राशि समय पर जमा नहीं करने पर जुर्माना और अतिरिक्त ब्याज भी लगाया जाएगा।
लाइसेंस स्थानांतरण के नियम सख्त
सरकार ने लाइसेंस स्थानांतरण संबंधी नियमों को भी कड़ा किया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों में शराब दुकानों का स्थानांतरण नहीं किया जा सकेगा। वहीं कुछ मामलों में राज्य सरकार और आबकारी विभाग की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी।
नई श्रेणी ‘असम मेड लिकर’ जोड़ी गई
असम आबकारी नियम में ‘असम मेड लिकर’ नामक नई श्रेणी को शामिल किया गया है। इसके लिए अलग लाइसेंस शुल्क और विनिर्माण प्रक्रिया निर्धारित की गई है। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
जनजातीय विरासत मदिरा को संरक्षण
नई नियमावली में जनजातीय समुदायों द्वारा निर्मित पारंपरिक मदिरा को भी विशेष संरक्षण दिया गया है। इसके लिए माइक्रो मैन्युफैक्टरी की उत्पादन क्षमता तय की गई है और कुछ लाइसेंस शुल्कों में राहत प्रदान की गई है।
सरकार को राजस्व बढ़ने की उम्मीद
सरकार का कहना है कि असम आबकारी नियम में किए गए बदलावों से राजस्व संग्रह बेहतर होगा। साथ ही अनियमितताओं पर रोक लगेगी और शराब कारोबार का प्रभावी नियमन सुनिश्चित किया जा सकेगा।



