असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य का देहावसान, पूरे देश में शोक
असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य का देहावसान हुआ है। उन्होंने 12 जून को दिल्ली के एक अस्पताल में अंतिम सांस लीं। उनके निधन की खबर सुनकर पूरे देश में शोक की लहरें दौड़ गईं।
लक्ष्मण प्रसाद आचार्य का जीवन परिचय
लक्ष्मण प्रसाद आचार्य एक प्रतिष्ठित राजनेता और प्रशासक थे। उनका जन्म 8 नवंबर 1932 को उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा की शुरुआत से ही राजनीति में ही अपना करियर बनाने का फैसला किया था। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1952 में उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनावों में एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में की थी।
राजनीतिक जीवन
लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने अपने राजनीतिक जीवन के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उन्होंने 1967 में उत्तर प्रदेश विधान सभा का चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने। इसके बाद उन्होंने 1970 में उत्तर प्रदेश के मंत्री के रूप में कार्य किया। 1980 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए और 1983 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने।
राज्यपाल के रूप में कार्य
लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को 1990 में असम का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान असम के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। उन्होंने असम के शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई पहल कीं।
अंतिम संस्कार
लक्ष्मण प्रसाद आचार्य के अंतिम संस्कार के लिए पूरे देश में शोक की लहरें दौड़ गईं। उनके परिवार और दोस्तों ने उनके अंतिम संस्कार में भाग लिया। उनके निधन के बाद, पूरे देश ने उनकी याद में शोक व्यक्त किया।
निष्कर्ष
लक्ष्मण प्रसाद आचार्य का निधन एक बड़ा नुकसान है। उन्होंने अपने जीवन के दौरान असम के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। उनके निधन के बाद, पूरे देश ने उनकी याद में शोक व्यक्त किया।
स्रोत: हिन्दुस्थान समाचार



