🔹 दीक्षांत का बड़ा संदेश
गुवाहाटी में ASTU Convocation 2025 का भव्य आयोजन हुआ।
राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने छात्रों को प्रेरक संबोधन दिया।
🔹 सीखना कभी न छोड़ें
राज्यपाल ने कहा कि निरंतर सीखना बेहद जरूरी है।
कौशल उन्नयन से ही चुनौतियां अवसर बनेंगी।
🔹 नई तकनीक अपनाएं
उन्होंने उभरती तकनीकों से जुड़ने की सलाह दी।
नवाचार और वैश्विक रुझानों पर नजर रखने को कहा।
🔹 नैतिकता पर जोर
राज्यपाल ने ईमानदारी और सांस्कृतिक मूल्यों की बात की।
इनसे कठिन समय में शक्ति और धैर्य मिलता है।
🔹 रिकॉर्ड डिग्रियां प्रदान
ASTU Convocation 2025 में 5,829 डिग्रियां दी गईं।
1,058 छात्रों ने व्यक्तिगत रूप से डिग्री ली।
🔹 मेडल विजेता सम्मानित
102 टॉपर्स को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
31 गोल्ड, 29 सिल्वर और 28 ब्रॉन्ज मेडल दिए गए।
🔹 परिवारों की सराहना
राज्यपाल ने माता-पिता और शिक्षकों को बधाई दी।
उन्होंने सफलता को सामूहिक प्रयास बताया।
🔹 महिला शक्ति की प्रशंसा
महिला स्नातकों की उपलब्धि पर विशेष सराहना हुई।
उन्होंने इसे राष्ट्र निर्माण का मजबूत प्रमाण बताया।
🔹 भारत ज्ञान महाशक्ति
राज्यपाल ने भारत को ज्ञान महाशक्ति बताया।
उन्होंने शोध और नवाचार पर जोर दिया।
🔹 गांव तक शिक्षा पहुंचे
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों तक तकनीक पहुंचाने को कहा।
छात्रों से गांवों में जागरूकता फैलाने की अपील की।
🔹 उद्यमिता का आह्वान
राज्यपाल ने नौकरी देने की सोच अपनाने को कहा।
उन्होंने स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा दिया।
🔹 समाज के लिए काम करें
उन्होंने करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर दिया।
शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखने को कहा।
🔹 विश्वविद्यालय की प्रशंसा
उन्होंने ASTU की प्रगति को सराहा।
अनुसंधान और नवाचार की तारीफ की।
🔹 विशिष्ट अतिथि मौजूद
IIT गुवाहाटी के पूर्व निदेशक गौतम बरुवा उपस्थित रहे।
VC नरेंद्र चौधरी और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
🔹 उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद
ASTU Convocation 2025 ने नई पीढ़ी को दिशा दी।
राज्यपाल ने छात्रों से राष्ट्र निर्माण में योगदान मांगा।




