वाराणसी, 20 जनवरी (हि.स.) — वाराणसी से लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के पूर्व प्रत्याशी रहे अतहर जमाल लारी ने मंगलवार को नमाज को लेकर प्रशासन और सरकार पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुसलमानों के नमाज पढ़ने को अपराध की तरह देखा जा रहा है, जबकि दूसरों को खुली छूट दी जा रही है।
अतहर जमाल ने कहा, “अगर हमारे लोग अपनी फैक्ट्री या दुकान में भी नमाज पढ़ लें तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो जाता है। लेकिन दूसरों के लिए कहीं भी कुछ भी कर लेना जायज मान लिया जाता है। आखिर यह भेदभाव क्यों?”
उन्होंने आगे कहा कि जब मस्जिद में जगह कम पड़ती है और लोग बाहर नमाज पढ़ते हैं, तब भी इसे कानून-व्यवस्था का मामला बना दिया जाता है। “सड़क, रेलवे प्लेटफॉर्म, ट्रेन, पार्क या मैदान में नमाज पढ़ना भी अपराध मान लिया जाता है। अब तो अपने घर में नमाज पढ़ने पर भी आपत्ति उठाई जा रही है,” उन्होंने कहा।
संविधान पर सवाल
बसपा नेता ने संविधान का हवाला देते हुए पूछा, “संविधान हमें धार्मिक स्वतंत्रता देता है, फिर यह अधिकार क्यों छीना जा रहा है?” उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से नमाज पढ़ने से न तो किसी कानून का उल्लंघन होता है और न ही सार्वजनिक शांति भंग होती है।
राजनीतिक संदेश
अतहर जमाल ने इसे मुसलमानों के खिलाफ बढ़ते भेदभाव का संकेत बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में सभी धर्मों को समान अधिकार मिलने चाहिए। उन्होंने सरकार से इस “दोहरे मानदंड” पर पुनर्विचार करने की मांग की।




