🔹 Auto PLI Scheme 2026 पर स्टार्टअप की चिंता
देश के EV स्टार्टअप ने Auto PLI Scheme 2026 पर सवाल उठाए।
उनका कहना है कि आवंटित फंड का पूरा उपयोग नहीं हुआ।
🔹 केवल 10% राशि का उपयोग
रिपोर्ट के अनुसार Auto PLI Scheme 2026 में केवल 10 प्रतिशत फंड वितरित हुआ।
एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल बैटरी में लक्ष्य का मात्र 2.8 प्रतिशत उपयोग हुआ।
स्टार्टअप का दावा है कि केवल बजट बढ़ाने से लाभ नहीं होगा।
फंड का बड़ा हिस्सा उद्योग तक पहुंचे, तभी तेजी आएगी।
🔹 कमर्शियल EV को प्राथमिकता की मांग
यूलर मोटर्स के सीईओ सौरव कुमार ने ढांचे में बदलाव की मांग की।
उन्होंने कहा कि Auto PLI Scheme 2026 में बिक्री आधारित मानक जरूरी हैं।
उन्होंने बताया कि कमर्शियल EV रोजगार और रिटर्न दोनों देते हैं।
फिर भी पारंपरिक ओईएम को प्राथमिकता मिल रही है।
🔹 नवाचार को समर्थन जरूरी
रिवर मोबिलिटी के सह संस्थापक रविंद मणि ने स्थायी क्षमता निर्माण पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि Auto PLI Scheme 2026 का उद्देश्य भारत को वैश्विक हब बनाना है।
यदि फंड सही दिशा में जाए, तो प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
Auto PLI Scheme 2026 में सुधार से भारत EV मैन्युफैक्चरिंग में आगे बढ़ सकता है।



