Ayurvedic Remedy for Chest Phlegm: क्यों बढ़ती है समस्या?
आयुर्वेद के अनुसार बदलते मौसम में:
- कफ दोष बढ़ जाता है
- ठंडी हवा और एलर्जी से बलगम जमने लगता है
- पाचन कमजोर होने पर कफ और बढ़ता है
इसीलिए आयुर्वेद में कफ को संतुलित करने पर जोर दिया जाता है, न कि सिर्फ लक्षण दबाने पर।
🍯 Remedy for Chest Phlegm: अदरक–तुलसी–शहद
यह नुस्खा आयुर्वेद में कफ शमन के लिए प्रसिद्ध माना जाता है।
🧾 सामग्री
- अदरक का रस – 1 छोटा चम्मच
- तुलसी के पत्तों का रस – 1 छोटा चम्मच
- शुद्ध शहद – 1 छोटा चम्मच
- काली मिर्च पाउडर – 1 चुटकी
🧑🍳 बनाने और लेने का तरीका
- अदरक और तुलसी का ताज़ा रस निकालें
- इसमें शहद और काली मिर्च मिलाएं
- सुबह खाली पेट और रात को सोने से पहले लें
👉 इससे सीने की जकड़न, बलगम और खांसी में आराम महसूस हो सकता है।
⚠️ नोट: शहद को गर्म न करें और 1 साल से कम उम्र के बच्चों को शहद न दें।
🌬️ साथ में करें ये 3 आसान उपाय
1) भाप (Steam)
गर्म पानी में सादा भाप लेने से नाक और सीना खुलता है।
2) गुनगुना पानी
दिन में 2–3 बार गुनगुना पानी पीने से कफ पतला होने में मदद मिलती है।
3) ठंडे खाद्य से परहेज
दही, आइसक्रीम और ठंडे पेय अस्थायी रूप से कफ बढ़ा सकते हैं।
🧠 आयुर्वेद क्या सिखाता है?
आयुर्वेद सिर्फ बीमारी नहीं देखता—
👉 शरीर का संतुलन देखता है।
जब कफ संतुलित होता है, तो:
- सांस लेना आसान लगता है
- सीने का भारीपन कम होता है
- बार-बार खांसी से राहत मिलती है





