▶️ बाल सुधार गृह निरीक्षण में क्या हुआ?
बाल सुधार गृह निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सुरक्षा, साफ-सफाई और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया।
निरीक्षण के दौरान कई अहम निर्देश दिए गए।
▶️ सुरक्षा व्यवस्था पर क्या निर्देश?
डीएम ने सीसीटीवी कैमरों में आ रही खराबी को तुरंत ठीक करने का आदेश दिया। उन्होंने सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी।
बाल सुधार गृह निरीक्षण में सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।
▶️ बच्चों के लिए अलग व्यवस्था
जिलाधिकारी ने 12 से 14 वर्ष के बच्चों को बड़े बच्चों से अलग रखने का निर्देश दिया। इससे छोटे बच्चों का विकास सुरक्षित माहौल में हो सकेगा।
बाल सुधार गृह निरीक्षण में यह अहम फैसला माना जा रहा है।
▶️ शिक्षा और कौशल विकास पर जोर
डीएम ने बच्चों के शैक्षणिक स्तर सुधारने के लिए विशेष योजना बनाने को कहा। अनपढ़ बच्चों को तीसरी कक्षा तक और अन्य बच्चों को उनकी योग्यता अनुसार आगे बढ़ाने का लक्ष्य तय किया गया।
इसके लिए शिक्षकों की नियमित कक्षाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
▶️ साफ-सफाई और अनुशासन पर फोकस
परिसर, भवन और रसोई की नियमित सफाई के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि बच्चे यहां से शिक्षित और अनुशासित बनकर निकलें।
बाल सुधार गृह निरीक्षण का उद्देश्य बच्चों का बेहतर भविष्य सुनिश्चित करना है।
▶️ प्रशासन की मौजूदगी
निरीक्षण के दौरान बाल संरक्षण पदाधिकारी, अधीक्षक और सुरक्षा बल मौजूद रहे। सभी को निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया।



