🔹 घोषणा पत्र से हटाया गया प्रमुख मुद्दा
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बालेंद्र शाह (बालेन शाह) ने सोमवार को जारी अपने चुनावी घोषणा पत्र से नेपाल-चीन मैत्री औद्योगिक पार्क परियोजना को हटा दिया। शाह झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव लड़ रहे हैं, जहां उनका मुकाबला केपी शर्मा ओली से है।
यह परियोजना झापा के दमक क्षेत्र में प्रस्तावित है और चीन के बड़े निवेश से विकसित की जानी है।
🔹 बीआरआई से जुड़ी है परियोजना
नेपाल-चीन मैत्री औद्योगिक पार्क चीन की महत्वाकांक्षी Belt and Road Initiative (बीआरआई) योजना का हिस्सा है। फरवरी 2021 में केपी शर्मा ओली ने इस परियोजना की आधारशिला रखी थी।
हालांकि बालेन शाह के सहयोगियों का कहना है कि परियोजना और उससे जुड़े विवादों को देखते हुए इसे घोषणा पत्र में शामिल नहीं किया गया।
🔹 सीमा क्षेत्र और सुरक्षा चिंता
यह औद्योगिक पार्क नेपाल-भारत सीमा के निकट और संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर (‘चिकन नेक’) के पास स्थित है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र की सामरिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए परियोजना पर क्षेत्रीय स्तर पर चिंताएं जताई जाती रही हैं।
नेपाल में कई राजनीतिक विश्लेषकों का सुझाव है कि विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाते समय पड़ोसी देशों की सुरक्षा चिंताओं का भी संतुलित ध्यान रखा जाना चाहिए।
🔹 निवेश और संभावनाएं
निवेश बोर्ड नेपाल की बैठक में इस परियोजना के लिए 64 अरब रुपये के चीनी निवेश को मंजूरी दी गई थी। प्रस्तावित पार्क करीब 2,200 बीघा क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकसित किया जाना है।



