बारिश के साथ बलरामपुर बाजार में आई सबसे महंगी सब्जी, स्वाद में मटन-चिकन भी फेल

0
586
Oplus_16908288

बलरामपुर, 2 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में बरसात के समय मिलने वाली सबसे महंगी सब्जी पुटू साप्ताहिक बाजारों में मिलना शुरू हो गई है। शुरुआती दौर में इस सब्जी की कीमत एक हजार रुपये से भी अधिक होती है। बावजूद इसके लोग बड़ी संख्या से खरीदने पहुंचते है। बलरामपुर जिले में जंगलों में मिलने वाली पुटू सब्जी की मांग बढ़ गई है। बरसात के समय जमीन से निकलने वाली इस सब्जी की कीमत आमसान छूती है। देशी मुर्गी से भी ज्यादा कीमती इस सब्जी को खरीदने के लिए लोग पहुंचते है। कभी कभी शुरुआती दौर में इसकी कीमत दो हजार रुपये तक भी पहुंच जाती है। फिलहाल जंगल में मिलने वाली यह सब्जी एक हजार रुपये प्रति किलो बलरामपुर के बाजार में बिक रही है। वहीं इस सब्जी को खरीदने के लिए लोग बड़ी संख्या में बाजार पहुंच रहे है।

ग्राहक अनिल केशरी ने बताया कि, यह सब्जी बरसात के मौसम में मिला करता था लेकिन इस बार नौ तपा में हुई बारिश के कारण पुटू मार्केट में अपने तय समय से पहले आ गया है। पुटू की कीमत एक हजार रुपये प्रति किलो मिल रही है। फिर भी इसे खरीदने के लिए लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे है। इसे लोग बड़े चाव से खाते है। शुरुआती दौर में इसकी कीमत आसमान छूती है। इसके बाद बरसात के मध्य में इसकी कीमत में कमी आती है।

पुटू सब्जी विक्रेता सुनीता बताती है कि, इस बार पुटू जंगलों में अपने तय समय से पहले आने लगा है। जंगल से लाकर हमलोग बलरामपुर के साप्ताहिक बाजार में बेचते है। पुटू बेचकर अच्छी कमाई होती है। दो दिन जंगल में मेहनत कर के इसे हमलोग यहां बेचते है। बारिश होने के बाद हर दिन सुबह पांच बजे बिना कुछ खाए ही जंगल निकल जाते है। पुटू बिनते 10 -11 बज जाता है। हमलोग हर वर्ष इस पुटू सब्जी को यहां बेचते है और अच्छा मुनाफा भी इसमें होता है।

प्रोटीन से भरपूर होती है पुटू

जानकार बताते हैं कि, पुटू की सब्जी में काफी मात्रा में प्रोटीन होता है। इसे खाने से शरीर की इम्यूनिटी भी बढ़ती है। इसमें विटामिन डी, प्रोटीन फाइबर, सेलेनियम, पोटेशियम और एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं। वहीं अगर इसके स्वाद की बात की जाए तो पुटू सब्जी को बनाने के लिए मीट की तरह तैयारी की जाती है और इसे खाने वाले लोगों का कहना है कि इसका स्वाद मीट से कम नहीं होता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here