बलरामपुर जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र अंतर्गत पुरानडीह क्षेत्र में वन भूमि से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां पट्टे पर दी गई जमीन को नियमों के विपरीत स्टांप पेपर के माध्यम से दूसरे राज्यों के लोगों को बेचने का आरोप सामने आया है, जिसके बाद वन विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों द्वारा पट्टे की जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त की जा रही थी। यह गतिविधि कानून के स्पष्ट उल्लंघन के अंतर्गत आती है क्योंकि वन भूमि और पट्टे की जमीन का किसी भी प्रकार का हस्तांतरण गैरकानूनी माना जाता है।
🔍 पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी इसी क्षेत्र में ऐसा ही मामला उजागर हुआ था, जिसमें वन विभाग ने स्टांप पेपर जब्त कर कार्रवाई की थी। इसके बावजूद दोबारा इसी तरह की गतिविधि सामने आना विभागीय लापरवाही और संगठित भूमि माफिया की ओर इशारा करता है।
🏛️ वन विभाग ने शुरू की कार्रवाई
इस संबंध में वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) आलोक वाजपेयी ने बताया कि पुरानडीह से जुड़ा यह मामला विभाग के संज्ञान में आया है। एक व्यक्ति पर पट्टे की वन भूमि को स्टांप पेपर पर बेचने का आरोप है।
डीएफओ ने कहा – “मामले की जांच के लिए विभागीय टीम को मौके पर भेजा गया है। भूमि का सीमांकन कराया जा रहा है और रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
यदि जांच में धोखाधड़ी या अवैध भूमि लेन-देन की पुष्टि होती है, तो एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
⚠️ क्षेत्र में बढ़ी हलचल
वन विभाग की सक्रियता के बाद पूरे क्षेत्र में हलचल है। स्थानीय लोग अब जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।
यह मामला न सिर्फ वन भूमि संरक्षण से जुड़ा है, बल्कि यह यह भी दर्शाता है कि कैसे पट्टे की जमीन को भूमाफिया द्वारा गैरकानूनी रूप से बेचा जा रहा है, जिससे सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हो रहा है।




