बांसवाड़ा में देखने को मिली अनोखी मिसाल
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में बुजुर्ग माता-पिता की शादी का एक अनोखा और भावुक मामला सामने आया है। यहां बेटों और पोतों ने अपने माता-पिता को सामाजिक सम्मान दिलाने के लिए पूरे रीति-रिवाज के साथ विवाह समारोह आयोजित किया।
25 साल से साथ रह रहा था दंपति
जानकारी के अनुसार, सालिया गांव निवासी रतना और कड़वी देवी करीब 25 वर्षों से साथ रह रहे थे। आर्थिक तंगी के कारण उस समय पारंपरिक विवाह नहीं हो सका था। इसके बावजूद दोनों ने परिवार को संभाला और सम्मानपूर्वक जीवन बिताया।
बेटों ने लिया ऐतिहासिक फैसला
जब परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई, तब चारों बेटों ने मिलकर बुजुर्ग माता-पिता की शादी कराने का निर्णय लिया। उनका उद्देश्य माता-पिता को समाज के सामने पूरा सम्मान दिलाना था।
ढोल-नगाड़ों के साथ निकली बारात
विवाह समारोह की शुरुआत पारंपरिक हल्दी रस्म से हुई। इसके बाद ढोल-नगाड़ों, लोकगीतों और पारंपरिक नृत्यों के बीच बुजुर्ग माता-पिता की शादी संपन्न कराई गई। दूल्हा-दुल्हन बने बुजुर्ग दंपति ने पूरे विधि-विधान से फेरे लिए।
गांव बना खुशी का गवाह
इस खास अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और समाज के लोग मौजूद रहे। महिलाओं ने मंगल गीत गाए और युवाओं ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर समारोह को यादगार बना दिया।
समाज को मिला बड़ा संदेश
बुजुर्ग माता-पिता की शादी केवल एक समारोह नहीं थी, बल्कि पारिवारिक मूल्यों, सम्मान और संस्कारों का प्रतीक भी बनी। बेटों का यह कदम आज के समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।
सोशल मीडिया पर छाई कहानी
बांसवाड़ा की यह अनूठी कहानी अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग बेटों की इस पहल की सराहना कर रहे हैं और इसे भारतीय पारिवारिक संस्कृति की खूबसूरत मिसाल बता रहे हैं।



