🔹 Bastar Ullas Mela बना साक्षरता का उत्सव
बस्तर जिले में इस वर्ष गणतंत्र दिवस Bastar Ullas Mela के रूप में मनाया गया।
यह आयोजन पारंपरिक समारोहों से अलग शिक्षा और स्वावलंबन का प्रतीक बना।
🔹 गांव-गांव में साक्षरता की पहल
जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत गांव-गांव उल्लास मेले आयोजित किए।
इस पहल से Bastar Ullas Mela शिक्षा के प्रसार का प्रभावी मंच बन गया।
🔹 नव साक्षरों ने दिखाई प्रतिभा
Bastar Ullas Mela में नव साक्षरों ने अपने पढ़ने, लिखने और गणितीय कौशल का प्रदर्शन किया।
ग्रामीण क्षेत्रों के वयस्कों में आत्मविश्वास और गर्व की भावना देखने को मिली।
🔹 उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य
इस अभियान का लक्ष्य 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षर वयस्कों को सशक्त बनाना है।
Bastar Ullas Mela केवल साक्षरता ही नहीं, बल्कि जीवन कौशल को भी बढ़ावा देता है।
🔹 प्रशासन और पंचायत की सक्रिय भूमिका
जिला साक्षरता मिशन के निर्देशों का जमीनी स्तर पर सफल क्रियान्वयन किया गया।
ग्राम पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिनों ने अहम भूमिका निभाई।
🔹 गांवों में शिक्षा की नई जागरूकता
सघन सर्वे और प्रचार से कोई भी पात्र नागरिक अभियान से वंचित नहीं रहा।
इससे Bastar Ullas Mela गांवों में शिक्षा की नई उम्मीद बन गया।
🔹 बदलाव की बयार और उज्ज्वल भविष्य
विशेषज्ञों का मानना है कि Bastar Ullas Mela शिक्षा में बड़ा सामाजिक बदलाव ला सकता है।
यह पहल सुदूर गांवों में ज्ञान, आत्मनिर्भरता और विकास का मार्ग खोल रही है।




