काठमांडू में प्रसारित BBC Documentary Nepal को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। BBC World Service द्वारा तैयार 41 मिनट की डॉक्यूमेंट्री में सितंबर 2025 के ‘जेनजी आंदोलन’ के दौरान पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं।
🔹 पुलिस ने जताई कड़ी आपत्ति
नेपाल पुलिस ने डॉक्यूमेंट्री को “एकतरफा और भ्रामक” बताते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। पुलिस का कहना है कि शीर्षक “दुश्मन की तरह गोली मारी गई” जैसे शब्द संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले हैं।
डॉक्यूमेंट्री में तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक चंद्र बहादुर खापुंग को गोली चलाने की घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। रिपोर्ट में कथित पुलिस ‘लॉग’ और कॉलसाइन “पीटर 1” का उल्लेख किया गया है।
🔹 19 युवाओं की हुई थी मौत
8 सितंबर 2025 को हुए आंदोलन में 19 युवाओं की गोली लगने से मृत्यु हुई थी। प्रदर्शनकारियों द्वारा संसद भवन की ओर बढ़ने, बैरिकेड तोड़ने और आगजनी की घटनाओं के बाद पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। हालात बिगड़ने पर गोली चलाई गई।
🔹 आधिकारिक संवाद नहीं: पुलिस
पुलिस प्रवक्ता डीआईजी अविनारायण काफ्ले ने कहा कि डॉक्यूमेंट्री में दिखाए गए संवाद आधिकारिक नहीं हैं। उनका दावा है कि संगठन पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से तथ्य सार्वजनिक कर चुका है।
पुलिस ने आरोप लगाया कि BBC Documentary Nepal ने राजनीतिक नेतृत्व की भूमिका पर कोई टिप्पणी नहीं की और पुलिस को ही मुख्य दोषी ठहराने की कोशिश की।
🔹 कानूनी विकल्पों पर विचार
नेपाल पुलिस ने संकेत दिया है कि वह अपनी छवि को नुकसान पहुंचाने के खिलाफ कानूनी उपचार तलाश रही है। संगठन के भीतर इस मुद्दे को लेकर नाराज़गी है और इसे मनोबल गिराने का प्रयास बताया जा रहा है।



