रोहित शर्मा के शानदार टेस्ट करियर पर बीसीसीआई ने दी बधाई, बताया भारतीय क्रिकेट का प्रेरणास्रोत

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नई दिल्ली, 8 मई (हि.स.)। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने पर उन्हें बुधवार को भावभीनी शुभकामनाएं दी हैं। बोर्ड ने उनके योगदान को ‘प्रेरणादायक और शानदार’ बताते हुए उनके उज्ज्वल करियर की सराहना की है। रोहित अब टेस्ट और टी20 फॉर्मेट को अलविदा कह चुके हैं, हालांकि वह भारत की वनडे टीम का हिस्सा बने रहेंगे।

रोहित ने बुधवार रात सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट कर टेस्ट क्रिकेट से तत्काल प्रभाव से संन्यास की घोषणा की।

2013 में किया डेब्यू, 2025 तक रहा टेस्ट क्रिकेट में शानदार सफर

रोहित शर्मा ने 2013 में टेस्ट क्रिकेट में कदम रखा और भारत के 35वें टेस्ट कप्तान के रूप में जिम्मेदारी संभाली। अपने 67 टेस्ट मुकाबलों में उन्होंने 40.57 की औसत से 4,301 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 212 रनों की सर्वश्रेष्ठ पारी शामिल है। आंकड़ों से परे, उन्होंने भारतीय क्रिकेट को धैर्य, नेतृत्व और समर्पण की एक मजबूत विरासत सौंपी है।

मिडल ऑर्डर से ओपनर तक का सफर बना मिसाल

एक समय मिडल ऑर्डर बल्लेबाज रहे रोहित शर्मा ने खुद को टेस्ट क्रिकेट के सबसे सफल ओपनरों में शामिल किया। उन्होंने तकनीकी मजबूती और आक्रामकता के संतुलन के साथ टीम को मजबूत शुरुआत देने का काम किया। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को पूरी गंभीरता और ज़िम्मेदारी से खेला।

कप्तान के रूप में भी निभाई अहम भूमिका

रोहित ने 24 टेस्ट में टीम की कप्तानी की, जिनमें से 12 में भारत को जीत मिली। उन्होंने संक्रमणकालीन दौर और चोटों से जूझती टीम को मजबूती से संभाला। उनके नेतृत्व ने युवाओं को प्रेरित किया और उनकी बल्लेबाज़ी ने करोड़ों प्रशंसकों का दिल जीता।

बीसीसीआई अध्यक्ष और सचिव ने दी शुभकामनाएं

बीसीसीआई अध्यक्ष रॉजर बिन्नी ने कहा,”रोहित शर्मा का प्रभाव आंकड़ों से कहीं ऊपर है। उन्होंने टीम को स्थिरता, आत्मविश्वास और अनुशासन दिया। उनकी नेतृत्व क्षमता और संयमित स्वभाव ने भारतीय क्रिकेट को एक नई दिशा दी है।”

वहीं, बीसीसीआई के मानद सचिव देवजीत सैकिया ने कहा,

“रोहित शर्मा न सिर्फ एक शानदार बल्लेबाज रहे बल्कि एक ऐसे कप्तान भी, जिन्होंने हमेशा टीम को प्राथमिकता दी। उनका अनुशासन, विनम्रता और उत्कृष्टता आज की पीढ़ी के लिए मिसाल है। भारतीय क्रिकेट हमेशा उनके योगदान का ऋणी रहेगा।”

रोहित शर्मा भले ही सफेद कपड़ों से विदा ले चुके हों, लेकिन उनका योगदान, शैली और नेतृत्व भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सदैव अमिट रहेगा।

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