🔹 देशव्यापी हड़ताल का असर
बिहार के भागलपुर में लेबर कोड और सरकार की नीतियों के खिलाफ आहूत देशव्यापी हड़ताल का मिला-जुला असर देखने को मिला। भागलपुर मजदूर प्रदर्शन के तहत बड़ी संख्या में संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिक सड़कों पर उतरे।
🔹 स्टेशन चौक से कलेक्ट्रेट तक जुलूस
सैकड़ों मजदूर स्टेशन चौक पर जुटे और झंडे-बैनर के साथ शहर के प्रमुख मार्गों से जुलूस निकाला। मुख्य बाजार, खलीफाबाग, घंटाघर चौक और बड़ी पोस्ट ऑफिस होते हुए जुलूस कलेक्ट्रेट पहुंचा। यहां सभा आयोजित कर संयुक्त स्मारपत्र जिला पदाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा गया।
🔹 ट्रेड यूनियनों का संयुक्त नेतृत्व
भागलपुर मजदूर प्रदर्शन का नेतृत्व ऐक्टू, सीटू, एटक, इंटक, सेवा और एआईयूटीयूसी सहित विभिन्न केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया। संयुक्त किसान मोर्चा ने भी समर्थन देते हुए भागीदारी निभाई।
🔹 लेबर कोड पर तीखी प्रतिक्रिया
सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि लेबर कोड कानून मजदूरों के अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा के लिए खतरा है। उनका आरोप था कि महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहे श्रमिकों पर यह कानून अतिरिक्त बोझ डालेगा।
🔹 बड़ी संख्या में भागीदारी
निर्माण और अन्य असंगठित क्षेत्रों से जुड़े महिला-पुरुष मजदूरों की भारी भागीदारी रही। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कानून वापस लेने की मांग की।



