इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में भागीरथपुरा दूषित पानी का कहर जारी है। गुरुवार को 78 वर्षीय सुभद्राबाई पंवार की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है।
एक और जान गई
26 दिसंबर को दूषित पानी पीने के बाद सुभद्राबाई की तबीयत बिगड़ी थी। उन्हें चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर डिस्चार्ज किया गया, लेकिन हालत दोबारा बिगड़ी और अंततः मेट्रो अस्पताल में उनकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार उन्हें पहले कोई गंभीर बीमारी नहीं थी।
इसके साथ ही भागीरथपुरा दूषित पानी से मरने वालों में उर्मिला यादव, नंदलाल पाल, अव्यान साहू (5 माह) सहित 24 नाम शामिल हो चुके हैं।
आज भी मिले 6 नए डायरिया मरीज
स्वास्थ्य विभाग के ‘अभियान स्वास्थ्यवर्धन’ में 48 टीमों ने 715 घरों का सर्वे किया।
- 2,087 लोगों की जांच हुई
- 133 हाई बीपी और 64 डायबिटीज मरीज चिन्हित
- 6 नए डायरिया मरीज अस्पताल में भर्ती
30 दिसंबर से अब तक 34,631 घरों का सर्वे और 1,62,558 स्क्रीनिंग हो चुकी है। 441 मरीज अस्पताल पहुंचे, जिनमें से 424 ठीक होकर लौट चुके हैं। फिलहाल 11 वार्ड में और 6 ICU में भर्ती हैं। क्षेत्र में 24×7 डॉक्टर और दो एंबुलेंस तैनात हैं।
हाईकोर्ट में सुनवाई
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (इंदौर बेंच) में इस मामले पर सुनवाई हुई। मुख्य सचिव ने बताया कि दोषियों को निलंबित किया गया है और इलाज मुफ्त दिया जा रहा है। सरकार ने कहा—24 में से 15 मौतें सीधे दूषित पानी से जुड़ी हैं, बाकी 8 में अन्य बीमारियां भी थीं।
अदालत ने विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और अगली सुनवाई 20 जनवरी तय की है।




