विभीषिका दिवस पर मौन जुलुश कैंडिल मार्च निकालते हुए बीजेपी की राज्य सभा सांसद सीमा द्विवेदी एमएलसी बृजेश सिंह और अन्य पदाधिकारी।
विभीषिका दिवस की याद में
विभीषिका दिवस के अवसर पर बीजेपी के नेताओं ने एक मौन जुलुश कैंडिल मार्च आयोजित किया। इस दिन का उद्देश्य 1947 में भारत के विभाजन के बाद हुए नरसंहार की याद दिलाना और उसकी पीड़ा को साझा करना है। बीजेपी की राज्य सभा सांसद सीमा द्विवेदी और एमएलसी बृजेश सिंह ने इस कैंडिल मार्च की शुरुआत की।
कैंडिल मार्च में शामिल हुए नेता
कैंडिल मार्च में बीजेपी के कई नेता शामिल हुए। उनमें से अधिकांश ने विभीषिका दिवस के महत्व को समझाते हुए कहा कि यह दिन भारत के इतिहास में एक दर्दनाक घटना की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि कैसे एक देश को उसकी स्वतंत्रता के बाद भी दूसरे देश के हाथों में आता है।
नेताओं के संदेश
कैंडिल मार्च के दौरान, बीजेपी के नेताओं ने एक संदेश दिया जिसमें उन्होंने कहा कि विभीषिका दिवस के अवसर पर हमें अपने देश के इतिहास को समझने और उसकी पीड़ा को साझा करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि कैसे एक देश को उसकी स्वतंत्रता के बाद भी दूसरे देश के हाथों में आता है।
कैंडिल मार्च का महत्व
कैंडिल मार्च का महत्व इस बात में है कि यह दिखाता है कि हमारे देश में कैसे एक घटना के बाद दूसरी घटना होती है और कैसे एक देश को उसकी स्वतंत्रता के बाद भी दूसरे देश के हाथों में आता है। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि हमें अपने देश के इतिहास को समझने और उसकी पीड़ा को साझा करने का अवसर मिलता है।
निष्कर्ष
विभीषिका दिवस के अवसर पर बीजेपी के नेताओं ने एक मौन जुलुश कैंडिल मार्च आयोजित किया। इस कैंडिल मार्च का उद्देश्य 1947 में भारत के विभाजन के बाद हुए नरसंहार की याद दिलाना और उसकी पीड़ा को साझा करना है। कैंडिल मार्च में शामिल हुए नेताओं ने विभीषिका दिवस के महत्व को समझाते हुए कहा कि यह दिन भारत के इतिहास में एक दर्दनाक घटना की याद दिलाता है।


