🔹 पेरिस में भारतीय कला की चमक
पेरिस में BHU Paris Mural ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की पहचान मजबूत की है।
इस भित्ति चित्र को फ्रांस में दर्शकों और राजनयिकों से सराहना मिली है।
🔹 बीएचयू के शिक्षक की उपलब्धि
प्रोफेसर सुरेश के. नायर ने इस भव्य कृति का निर्माण किया।
उनकी रचना BHU Paris Mural के रूप में प्रसिद्ध हो गई है।
🔹 भारतीय कला का अद्भुत संगम
चित्र में कथकली, भरतनाट्यम और मणिपुरी नृत्य दर्शाए गए हैं।
इससे BHU Paris Mural भारतीय परंपरा को जीवंत करता है।
🔹 विशाल और भव्य कृति
यह भित्ति चित्र 10.5 फीट गुणा 33.8 फीट आकार का है।
इसी कारण BHU Paris Mural पेरिस का सबसे बड़ा भारतीय चित्र माना जा रहा है।
🔹 राजदूतों की सराहना
भारत के राजदूत ने इस कृति की खुले दिल से प्रशंसा की।
इससे BHU Paris Mural की प्रतिष्ठा और बढ़ गई है।
🔹 सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा
यह परियोजना भारत की दृश्य कला को दुनिया तक पहुंचा रही है।
इसलिए BHU Paris Mural को ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
🔹 बीएचयू के लिए गौरव
इस सफलता से काशी हिंदू विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली।
इस तरह BHU Paris Mural विश्वविद्यालय का गौरव बन गया है।
🔹 भविष्य के लिए प्रेरणा
यह कृति युवा कलाकारों को नई दिशा देती है।
इससे BHU Paris Mural एक प्रेरक उदाहरण बन गया है।




