🔹 एथेंस में चमकी काशी हिंदू विश्वविद्यालय की छात्रा
वाराणसी स्थित बीएचयू की शोध छात्रा चंचल देवनानी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की।
उन्होंने Human Genome Meeting 2026 में टॉप-10 पोस्टर्स में स्थान प्राप्त किया।
🔹 क्या था उनका शोध?
चंचल ने सिंधी समुदाय के जीन इतिहास पर शोध प्रस्तुत किया।
उन्होंने जीनोम-वाइड डेटा के जरिए जनसंख्या संरचना का विश्लेषण किया।
इस शोध को यूरोप और एशिया के प्रवास इतिहास से जोड़ा गया।
🔹 230 पोस्टर्स में टॉप-10 में जगह
इस सम्मेलन में कुल 230 पोस्टर्स प्रदर्शित हुए थे।
चंचल का शोध दुनिया भर के वैज्ञानिकों को बेहद पसंद आया।
विशेषज्ञों ने उनके काम की सटीकता और गहराई की सराहना की।
🔹 किसके मार्गदर्शन में किया काम?
यह शोध जीन वैज्ञानिक ज्ञानेश्वर चौबे के मार्गदर्शन में किया गया।
उनके निर्देशन में चंचल ने जीन, इतिहास और भाषा के बीच संबंध को समझाया।
🔹 क्यों खास है यह उपलब्धि?
यह सम्मेलन Human Genome Organization द्वारा आयोजित किया गया था।
यह दुनिया के सबसे बड़े जीनोमिक्स सम्मेलनों में से एक माना जाता है।
🔹 चंचल ने क्या कहा?
चंचल ने इसे अपने शैक्षणिक जीवन का बड़ा पड़ाव बताया।
उन्होंने कहा कि इस मंच से उन्हें नए शोध और वैश्विक सहयोग के अवसर मिले।



