🔹 टाइपो पिकनिक BHU की अनोखी पहल
वाराणसी में नया प्रयोग देखने को मिला।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने खास कार्यशाला आयोजित की।
टाइपो पिकनिक BHU ने सीखने का तरीका बदल दिया।
🔹 कैसे हुई पढ़ाई?
छात्रों ने सड़कों और बाजारों में अध्ययन किया।
गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट तक वॉक हुई।
टाइपो पिकनिक BHU में वास्तविक अनुभव से सीख मिली।
🔹 क्या सीखा छात्रों ने?
साइनबोर्ड और अक्षरों की बनावट को समझा गया।
देवनागरी और अंग्रेज़ी मिश्रण का अध्ययन किया गया।
टाइपो पिकनिक BHU में डिजाइन की गहराई समझी गई।
🔹 शिक्षकों का मार्गदर्शन
अभिषेक वर्धन सिंह ने छात्रों को गाइड किया।
मनीष अरोड़ा ने कार्यक्रम का नेतृत्व किया।
टाइपो पिकनिक BHU में विशेषज्ञों का सहयोग मिला।
🔹 क्यों है खास पहल?
यह कक्षा से बाहर सीखने का नया मॉडल है।
छात्रों ने वास्तविक जीवन से डिजाइन समझा।
टाइपो पिकनिक BHU ने शिक्षा को और रोचक बनाया।



