चीफ इंजीनियर विमल नेगी की संदिग्ध मौत पर भाजपा का राज्यपाल को ज्ञापन, सीबीआई जांच की मांग

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शिमला, 21 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीपीसीएल) के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है। विपक्षी दल भाजपा ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। भाजपा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के नेतृत्व में भाजपा विधायक दल ने शुक्रवार को राज्यपाल शिव प्राप्त शुक्ल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और निष्पक्ष जांच की मांग की।

भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया कि जब एक आईएएस अधिकारी पर ही आरोप लगे हैं तो दूसरा आईएएस अधिकारी उसकी जांच कैसे कर सकता है? उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल एक अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज किया, जबकि दोषियों के नाम एफआईआर में दर्ज होने चाहिए थे। भाजपा ने राज्यपाल से मामले में दोषी अधिकारियों को नामजद कर सीबीआई जांच कराने की मांग की।

भाजपा ने इस कार्रवाई को अधूरी और दिखावटी करार दिया है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि इस मामले की एफआईआर में सिर्फ एक अधिकारी का नाम शामिल किया गया, जबकि दूसरे अधिकारी के सिर्फ पद का जिक्र किया गया। भाजपा ने राज्यपाल से मामले की सीबीआई जांच कराने और पिछले दो वर्षों में एचपीपीसीएल की गतिविधियों की भी जांच करने की मांग की है।

लापता होने के बाद शव झील से हुआ था बरामद

विमल नेगी 10 मार्च को शिमला से अचानक लापता हो गए थे। उनकी आखिरी लोकेशन बिलासपुर जिले में मिली थी। कई दिनों की तलाश के बाद 18 मार्च को उनका शव गोविंद सागर झील से बरामद हुआ। परिजनों का आरोप है कि ऊपर से दबाव डालकर उन्हें गलत कार्य करने के लिए मजबूर किया जा रहा था, जिससे वे मानसिक तनाव में थे।

परिजनों का आक्रोश, शव के साथ किया था प्रदर्शन

विमल नेगी की मौत के बाद उनके परिजनों और सहयोगियों में गहरा आक्रोश फैल गया। 19 मार्च को परिजनों और एचपीपीसीएल कर्मचारियों ने पावर कॉरपोरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों पर गम्भीर आरोप लगाए। विरोध में परिजनों ने विमल नेगी के शव को एचपीपीसीएल दफ्तर के बाहर रखकर प्रदर्शन किया था। देर रात जब सरकार के चार मंत्रियों ने मौके पर पहुंचकर मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजनों ने धरना खत्म किया था।

इस मामले ने जब तूल पकड़ा तो सरकार हरकत में आई। सरकार ने निदेशक (इलेक्ट्रिकल) देशराज को निलंबित कर दिया और एमडी हरीकेश मीना को पद से हटा दिया। उनकी जगह 2012 बैच के आईएएस अधिकारी राकेश प्रजापति को नया एमडी नियुक्त किया गया। वहीं निदेशक (सिविल) सुरिंदर कुमार को निदेशक (इलेक्ट्रिकल) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।

इसके अलावा राज्य सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा को जांच अधिकारी नियुक्त किया। उन्हें 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। वहीं न्यू शिमला थाने में विमल नेगी की पत्नी की शिकायत पर आत्महत्या के लिए उकसाने की एफआईआर दर्ज की गई।

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