भिंड कलेक्टर विवाद से सियासी बवाल
मध्य प्रदेश में भिंड कलेक्टर विवाद ने सियासत को गरमा दिया है। भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा और कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के बीच हुई तीखी नोकझोंक अब पार्टी आलाकमान तक पहुंच गई है।
विधायक भोपाल तलब
शुक्रवार को विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा को भोपाल तलब किया गया। भाजपा नेतृत्व ने विधायक को चेतावनी दी कि इस तरह का आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन ने जनप्रतिनिधि की गरिमा बनाए रखने पर जोर दिया।
बैठक में फटकार
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसमें विधायक के व्यवहार को गंभीर माना गया। उन्हें साफ शब्दों में कहा गया कि पार्टी लाइन से हटकर किया गया यह व्यवहार अस्वीकार्य है।
विवाद कैसे शुरू हुआ
यह भिंड कलेक्टर विवाद 27 अगस्त को शुरू हुआ, जब विधायक किसानों की खाद कमी की शिकायत लेकर कलेक्टर से मिलने पहुंचे। बातचीत के दौरान कलेक्टर की उंगली उठाने की हरकत से विधायक नाराज़ हो गए। उन्होंने कलेक्टर को “चोर” तक कह दिया। समर्थकों ने नारे लगाए और विवाद ने तूल पकड़ लिया। स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव किया।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इससे भाजपा की छवि पर सवाल उठे और विपक्ष को भी मुद्दा मिल गया।
निष्कर्ष
भिंड कलेक्टर विवाद ने भाजपा को असहज कर दिया है। संगठन ने विधायक को फटकार लगाते हुए साफ कहा कि भविष्य में ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं होगा।