बिजली कटौती से नाराज सीमावर्ती किसानों का जेपीडीसीएल कार्यालय पर प्रदर्शन, धान की फसल बचाने के लिए नियमित बिजली आपूर्ति की मांग
सीमावर्ती जिलों में बिजली कटौती के कारण धान की फसलों को नुकसान हो रहा है। इससे नाराज होकर सीमावर्ती किसान जेपीडीसीएल कार्यालय पर प्रदर्शन करने का फैसला किया। सीमावर्ती किसानों का आरोप है कि जेपीडीसीएल द्वारा बिजली कटौती के कारण उनकी धान की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो रही हैं।
बिजली कटौती का कारण जानने की जरूरत
सीमावर्ती किसानों का कहना है कि जेपीडीसीएल द्वारा बिना किसी सूचना के बिजली कटौती के कारण उनकी धान की फसलें खराब हो रही हैं। इससे न केवल उनकी आर्थिक हानि हो रही है, बल्कि उनकी जमीन पर काम करने की क्षमता भी कम हो रही है। सीमावर्ती किसानों का कहना है कि जेपीडीसीएल को बिजली कटौती के कारणों को समझने की जरूरत है और जल्द से जल्द नियमित बिजली आपूर्ति शुरू करनी चाहिए।
नियमित बिजली आपूर्ति की मांग कर रहे किसान
सीमावर्ती किसान जेपीडीसीएल कार्यालय पर प्रदर्शन करने के लिए इकट्ठे हुए हैं। उनका कहना है कि जेपीडीसीएल को नियमित बिजली आपूर्ति शुरू करनी चाहिए ताकि उनकी धान की फसलें बची रहें। सीमावर्ती किसानों का कहना है कि बिजली कटौती के कारण उनकी फसलें खराब हो रही हैं और इससे उनकी आर्थिक हानि हो रही है। उन्होंने जेपीडीसीएल से नियमित बिजली आपूर्ति शुरू करने की मांग करते हुए कहा कि इससे उनकी फसलें बच जाएंगी और उनकी आर्थिक हानि भी कम होगी।
जेपीडीसीएल की ओर से कोई जवाब नहीं
जेपीडीसीएल कार्यालय पर प्रदर्शन करने के लिए इकट्ठे हुए सीमावर्ती किसानों ने जेपीडीसीएल के अधिकारियों से मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। जेपीडीसीएल के अधिकारियों ने किसानों को बताया कि वे उनकी समस्याओं को समझते हैं और जल्द ही नियमित बिजली आपूर्ति शुरू करने के लिए काम करेंगे। लेकिन किसानों ने कहा कि वे जल्द ही नियमित बिजली आपूर्ति शुरू होने का इंतजार नहीं कर सकते हैं और इसलिए वे प्रदर्शन करने का फैसला किया।
प्रदर्शन का उद्देश्य
सीमावर्ती किसानों का कहना है कि उनका उद्देश्य जेपीडीसीएल से नियमित बिजली आपूर्ति शुरू करने के लिए प्रदर्शन करना है। उन्होंने कहा कि वे अपनी धान की फसलों को बचाने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं और जेपीडीसीएल से नियमित बिजली आपूर्ति शुरू करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे अपनी समस्याओं को जेपीडीसीएल के सामने रखना चाहते हैं और उनसे नियमित बिजली आपूर्ति शुरू करने के लिए काम करना चाहते हैं।
निष्कर्ष
सीमावर्ती किसानों का प्रदर्शन एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करता है। उनका कहना है कि जेपीडीसीएल द्वारा बिना किसी सूचना के बिजली कटौती के कारण उनकी धान की फसलें खराब हो रही हैं। इससे न केवल उनकी आर्थिक हानि हो रही है, बल्कि उनकी जमीन पर काम करने की क्षमता भी कम हो रही है। सीमावर्ती किसानों का कहना है कि जेपीडीसीएल को नियमित बिजली आपूर्ति शुरू करने के लिए काम करना चाहिए ताकि उनकी धान की फसलें बच जाएं और उनकी आर्थिक हानि भी कम हो।


