इंदौर में शुरू हुई ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक
मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक शुक्रवार से शुरू हो गई। दो दिवसीय इस महत्वपूर्ण बैठक में कृषि, खाद्य सुरक्षा और सतत कृषि विकास से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई।
वैश्विक सहयोग पर भारत का जोर
ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना को दोहराते हुए वैश्विक साझेदारी और सहयोग पर बल दिया।
छोटे किसानों के सशक्तीकरण पर चर्चा
बैठक के दौरान छोटे और सीमांत किसानों की चुनौतियों पर विशेष ध्यान दिया गया। ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि किसानों को मजबूत बनाकर ही वैश्विक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
भारत ने साझा की कृषि उपलब्धियां
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत के कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। खाद्यान्न, गेहूं, बागवानी और मत्स्य उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी हुई है। ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक में भारत की विभिन्न किसान कल्याण योजनाओं की भी जानकारी दी गई।
प्राकृतिक खेती और नई तकनीक पर फोकस
बैठक में प्राकृतिक खेती, मिट्टी संरक्षण और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी चर्चा हुई। ड्रोन तकनीक, डिजिटल कृषि और कृषि स्टार्टअप्स को भविष्य की खेती का महत्वपूर्ण आधार बताया गया।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री ने पौधरोपण किया। उन्होंने कहा कि समृद्ध कृषि और सुरक्षित पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं। किसानों और नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील भी की गई।
खाद्य सुरक्षा के लिए साझा रणनीति
बैठक में शामिल सदस्य देशों ने जलवायु परिवर्तन, संसाधनों पर बढ़ते दबाव और कृषि क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर सहमति जताई। ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।



