इंदौर में शुरू हुई ब्रिक्स कृषि कार्य समूह की बैठक
मध्य प्रदेश के इंदौर में ब्रिक्स कृषि कार्य समूह की महत्वपूर्ण बैठक का शुभारंभ हो गया है। 13 जून तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 21 देशों के कृषि मंत्री, वैज्ञानिक, नीति विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।
कृषि और खाद्य सुरक्षा पर विशेष फोकस
बैठक के पहले दिन ब्रिक्स कृषि कार्य समूह के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा, कृषि नवाचार, जलवायु-अनुकूल खेती और कृषि व्यापार जैसे विषयों पर चर्चा की गई। प्रतिनिधियों ने कृषि क्षेत्र की चुनौतियों और संभावित समाधानों पर अपने विचार साझा किए।
भारत-रूस के बीच हुई अहम वार्ता
सम्मेलन के दौरान भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय बैठक भी आयोजित की गई। इस बैठक में ब्रिक्स कृषि कार्य समूह के तहत कृषि व्यापार बढ़ाने, तकनीकी सहयोग मजबूत करने और टिकाऊ कृषि विकास को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।
किसानों के हितों पर हुआ मंथन
बैठक में लघु किसानों के सशक्तिकरण, खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के उपायों पर चर्चा हुई। ब्रिक्स कृषि कार्य समूह के सदस्य देशों ने कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
आगामी दिनों में होंगे महत्वपूर्ण सत्र
9 से 11 जून तक ब्रिक्स कृषि कार्य समूह की विभिन्न तकनीकी बैठकें आयोजित होंगी। इसके बाद 12 और 13 जून को कृषि मंत्रियों की उच्च स्तरीय बैठक होगी, जिसमें पशुपालन, मत्स्य पालन, खाद्य हानि और किसानों के अधिकारों जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
इंदौर की संस्कृति से रूबरू हुए विदेशी मेहमान
सम्मेलन में शामिल विदेशी प्रतिनिधियों ने इंदौर के ऐतिहासिक स्थलों का भी भ्रमण किया। उन्होंने राजवाड़ा पहुंचकर शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को करीब से जाना। इससे मेहमानों को भारत की समृद्ध परंपरा और मेहमाननवाजी का अनुभव मिला।
वैश्विक कृषि सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिक्स कृषि कार्य समूह की यह बैठक वैश्विक कृषि सहयोग को नई दिशा देगी। इससे खाद्य सुरक्षा, आधुनिक कृषि तकनीक और टिकाऊ खेती को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।



