केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर बजट 2026–27 में शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी प्राथमिकताओं और अपेक्षाओं पर चर्चा की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब देश में शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार को ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य से जोड़कर देखा जा रहा है।
📚 शिक्षा क्षेत्र के भविष्य पर मंथन
धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि इस बैठक में
स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को नई पीढ़ी की जरूरतों के अनुरूप ढालना समय की मांग है, जिससे युवाओं को बेहतर अवसर और रोजगार आधारित कौशल मिल सकें।
💡 बजट से बड़ी उम्मीदें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने भरोसा जताया कि
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की परंपरा के अनुसार बजट 2026–27 में शिक्षा, शोध, नवाचार और स्किलिंग के लिए और अधिक साहसिक और बड़े निवेश देखने को मिलेंगे।”
उनका मानना है कि ऐसे निवेश
रोजगार आधारित विकास को गति देंगे और आत्मनिर्भर भारत व विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती देंगे।
🎯 ‘विकसित भारत’ की दिशा में शिक्षा की भूमिका
प्रधान ने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास देश की आर्थिक मजबूती की रीढ़ हैं। मजबूत शिक्षा ढांचा न केवल युवाओं को रोजगार के योग्य बनाता है, बल्कि देश को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भी बनाता है।




