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जिद्दी गुलाल और पक्के रंगों से डरें नहीं! होली से पहले ऐसे बनाएं स्किन पर सेफ्टी शील्ड

हर साल होली के बाद वही परेशानी — जिद्दी रंग, रूखी स्किन और जलन… लेकिन अगर आप होली से पहले ही स्किन पर सही सेफ्टी शील्ड बना लें, तो पक्के रंग भी ज्यादा नुकसान नहीं कर पाएंगे।

इस होली बनें सबसे स्टाइलिश — अभी चुनें अपना परफेक्ट आउटफिट

होली का मजा तभी दोगुना होता है जब आपका आउटफिट भी फेस्टिव वाइब दे… अगर आप भी इस बार कुछ ऐसा पहनना चाहती हैं जो दिखे स्टाइलिश, कम्फर्टेबल और फोटोज में लगे कमाल — तो ये ड्रेस आइडियाज आपके लिए परफेक्ट हैं।
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पान से लौंग-इलायची तक: होलिका दहन के लिए जरूरी पूजन सामग्री की पूरी लिस्ट

होलिका दहन की तैयारी शुरू हो चुकी है… लेकिन अगर पूजा की थाली में कोई जरूरी सामग्री छूट गई, तो पूजा अधूरी मानी जाती है।

चंद्र ग्रहण में सिर्फ गर्भवती महिलाएं नहीं, पूरे परिवार को रहना चाहिए सतर्क

चंद्र ग्रहण आते ही अक्सर चेतावनी सिर्फ गर्भवती महिलाओं को दी जाती है… लेकिन मान्यताओं के अनुसार कुछ ऐसी गलतियां हैं जो पूरे परिवार पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं।

मुंह ही नहीं आंख-नाक और कान से भी रखना पड़ता है रोजा, रमजान शुरू होते ही मुस्लिम लेते हैं ये 5 संकल्प

क्या आप जानते हैं कि रोजा सिर्फ भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है? इस्लाम में रोजा एक ऐसा अनुशासन है जिसमें इंसान को अपने आंख, कान और जुबान पर भी काबू रखना होता है। रमजान शुरू होते ही मुसलमान कुछ खास संकल्प लेते हैं — जो सिर्फ इबादत नहीं, बल्कि पूरी जिंदगी बदलने का संदेश देते हैं…

होलिका दहन से पहले जरूर करें ये 8 काम — बदल सकता है घर का माहौल

क्या आपके घर में बार-बार तनाव, रुकावट या नकारात्मक माहौल बना रहता है? मान्यता है कि होलाष्टक के 8 दिन ऐसे होते हैं जब छोटे-छोटे उपाय भी बड़ी पॉजिटिव एनर्जी ला सकते हैं।

आज ही सच्चे मन से करें ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र का पाठ, कर्ज के बोझ से मुक्ति

कर्ज का बोझ सिर्फ जेब नहीं, मन पर भी भारी पड़ता है। ऐसे समय में सनातन परंपरा में एक विशेष स्तोत्र का उल्लेख मिलता है— ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र।

कब पाठ करना होता है निषेध? पहले जान लें ये नियम, तभी मिलेगा पूर्ण फल

सनातन धर्म में मंगलवार का दिन विशेष रूप से Hanuman जी को समर्पित है। इस दिन लाखों भक्त Hanuman Chalisa का पाठ कर उनकी कृपा पाने की कामना करते हैं। लेकिन शास्त्रों और परंपराओं के अनुसार, 👉 हर समय और हर अवस्था में हनुमान चालीसा का पाठ उचित नहीं माना गया है।