🔹 सालों बाद बड़ी गिरफ्तारी
सीबीआई ने CBI PNB Fraud Arrest के तहत बड़ा ऑपरेशन सफल किया।
2013 से फरार जितेंद्र कुमार को मेरठ से गिरफ्तार किया गया।
🔹 मामला क्या था
यह केस दिल्ली की जोरबाग शाखा के पंजाब नेशनल बैंक से जुड़ा है।
फर्जी दस्तावेजों पर 4 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया था।
🔹 कैसे हुआ घोटाला
जांच में पता चला कि ऋण फाइल में गलत फोटो लगाया गया।
गारंटर संजय शर्मा की जगह जितेंद्र कुमार की तस्वीर चिपकाई गई।
साथ ही फर्जी जमीन के कागजात बैंक को दिए गए।
🔹 पैसे का मोड़
ऋण राशि को कनारा बैंक के खाते से घुमाया गया।
यह खाता एम/एस राजधानी ट्रेडर्स के नाम पर था।
इससे CBI PNB Fraud Arrest की साजिश साफ हुई।
🔹 अदालत की कार्रवाई
12 दिसंबर 2013 को गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था।
21 जून 2014 को आरोपी को भगोड़ा घोषित किया गया।
🔹 मेरठ में कैसे मिला
सीबीआई ने मानवीय खुफिया और तकनीकी डेटा का इस्तेमाल किया।
सटीक लोकेशन मिलने पर विशेष टीम ने छापा मारा।
यहीं CBI PNB Fraud Arrest अंजाम दिया गया।
🔹 हिरासत में भेजा गया
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया।
उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
🔹 जांच जारी
सीबीआई अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
🔹 बैंकिंग सुरक्षा पर संदेश
यह कार्रवाई बैंक धोखाधड़ी के खिलाफ कड़ा संकेत है।
CBI PNB Fraud Arrest से अपराधियों में डर बढ़ेगा।
🔹 आगे क्या होगा
जल्द ही चार्जशीट और नए खुलासे संभव हैं।
सीबीआई पूरे मामले की परतें खोल रही है।




