चंबल बजरी के अवैध खनन एवं परिवहन पर संयुक्त निगरानी सुदृढ़

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चंबल बजरी खनन पर संयुक्त निगरानी

चंबल बजरी के अवैध खनन एवं परिवहन पर संयुक्त निगरानी सुदृढ़

राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित चंबल नदी के किनारे अवैध खनन और परिवहन की समस्या को लेकर लंबे समय से चिंताएं व्यक्त की जा रही थीं। इस समस्या को दूर करने के लिए दोनों राज्यों की सरकारें संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रही हैं।

चंबल बजरी का अवैध खनन एक बड़ा विषय

चंबल नदी के किनारे स्थित बजरी का अवैध खनन एक बड़ा मुद्दा है। इस नदी के किनारे से निकलने वाली बजरी का अवैध खनन करके लोग इसे अन्य राज्यों में बेचने के लिए ले जाते हैं। लेकिन इसका नतीजा यह होता है कि नदी का जलगाह खराब होता है और इसके आसपास के क्षेत्र में पर्यावरण भी प्रभावित होता है।

संयुक्त निगरानी सुदृढ़ करने के लिए कार्रवाई

दोनों राज्यों की सरकारें संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रही हैं। इसके लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने एक बैठक की थी। इस बैठक में तय किया गया था कि दोनों राज्यों की पुलिस और वन विभाग के अधिकारी चंबल नदी के किनारे स्थित बजरी के अवैध खनन और परिवहन की निगरानी करेंगे।

चंबल बजरी के अवैध खनन पर कार्रवाई

चंबल बजरी के अवैध खनन पर कार्रवाई के लिए दोनों राज्यों की पुलिस और वन विभाग के अधिकारी कार्रवाई कर रहे हैं। इन अधिकारियों ने चंबल नदी के किनारे से अवैध रूप से खनित बजरी को जब्त कर लिया है। इसके अलावा, अवैध रूप से बजरी को ले जाने वाले वाहनों को भी जब्त किया जा रहा है।

पर्यावरण पर कार्रवाई

चंबल नदी के जलगाह को स्वच्छ रखने के लिए कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए दोनों राज्यों की सरकारें संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रही हैं। इस कार्रवाई के तहत चंबल नदी के जलगाह की सफाई की जा रही है। इसके अलावा, नदी के किनारे स्थित सीवेज और नालों की सफाई भी की जा रही है।

निष्कर्ष

चंबल बजरी के अवैध खनन और परिवहन पर संयुक्त निगरानी सुदृढ़ करने के लिए दोनों राज्यों की सरकारें कार्रवाई कर रही हैं। इसके लिए पुलिस और वन विभाग के अधिकारी चंबल नदी के किनारे स्थित बजरी के अवैध खनन और परिवहन की निगरानी कर रहे हैं। इसके अलावा, चंबल नदी के जलगाह की सफाई भी की जा रही है।