रायगढ़ , 31 मार्च (हि.स.)।नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में चौहान समाज ने अपनी राजनीतिक शक्ति का शानदार प्रदर्शन किया है। समाज के जनप्रतिनिधियों ने महापौर, पार्षद, जनपद अध्यक्ष, जिला एवं जनपद सदस्य, सरपंच और उप सरपंच के पदों पर बड़ी संख्या में जीत दर्ज कर अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। इस उपलब्धि से समाज में गौरव और आत्मविश्वास की भावना मजबूत हुई है।समाज की इस ऐतिहासिक जीत को लेकर चौहान समाज ने अपने विजयी जनप्रतिनिधियों का सम्मान समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह कार्यक्रम 7 अप्रैल को रायगढ़ के पंजरीप्लांट स्थित ऑडिटोरियम में सुबह 10 बजे से होगा। इस अवसर पर प्रदेश के वित्त मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक ओ पी चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।समाज के लोग अपनी मूल पहचान को आदिवासी वर्ग में पुनः शामिल करने की मांग उठा रहे हैं। यह मांग सम्मान समारोह के दौरान वित्त मंत्री ओपी चौधरी के समक्ष रखी जाएगी, जिससे समाज को उसका पुराना संवैधानिक दर्जा वापस मिल सके।
सम्मान समारोह की तैयारियों को लेकर समाज में बैठकों का दौर जारी है। समाज के बंधुओं ने आपसी सहयोग से धन एकत्रित कर कार्यक्रम को भव्य बनाने की योजना बनाई है। समाज का उद्देश्य युवाओं और महिलाओं को प्रेरित करना और उन्हें राजनीति एवं सामाजिक कार्यों में आगे लाने के लिए प्रोत्साहित करना है।सम्मान समारोह समिति के वरिष्ठ संरक्षक महाबीर गुरु और अध्यक्ष हरीशंकर चौहान ने पुसौर, लैलूंगा, खरसिया, घरघोड़ा, धरमजयगढ़, तमनार, रायगढ़ और रायगढ़ पूर्वी क्षेत्र के सामाजिक पदाधिकारियों, सदस्यों एवं कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में समारोह में पहुंचने की अपील की है।
चौहान समाज के वरिष्ठ जनों का कहना है कि आजादी के बाद 1949 में जब मध्य प्रांत बरार स्टेट की राजधानी नागपुर थी, तब चौहान समाज आदिवासी वर्ग में शामिल था। लेकिन 1956 में मध्य प्रदेश के गठन के बाद इसे अनुसूचित जाति की श्रेणी में रखा गया। अब समाज के लोग अपनी मूल पहचान को आदिवासी वर्ग में पुनः शामिल करने की मांग उठा रहे हैं।