🔹 एक साल बाद सदन में वापसी
छत्तीसगढ़ की राजनीति में सोमवार को अहम घटनाक्रम देखने को मिला, जब कांग्रेस के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा करीब एक वर्ष बाद विधानसभा की कार्यवाही में शामिल हुए। अंतरिम जमानत मिलने के बाद यह उनकी पहली उपस्थिति थी।
🔹 विधायकों ने किया गर्मजोशी से स्वागत
सदन पहुंचते ही लखमा ने कांग्रेस और भाजपा विधायकों से मुलाकात की। कई भाजपा विधायकों ने उन्हें गले लगाकर स्वागत किया। यह दृश्य सदन में चर्चा का विषय बना रहा।
🔹 सीमित शर्तों के साथ अनुमति
विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने कुछ शर्तों के साथ लखमा को सत्र में भाग लेने की अनुमति दी है। शर्तों के अनुसार, वे किसी भी प्रकार का सार्वजनिक बयान नहीं देंगे और अपने केस से जुड़े मुद्दों पर टिप्पणी नहीं करेंगे। उनकी उपस्थिति केवल बजट सत्र तक सीमित रहेगी।
🔹 शराब घोटाला मामला
कवासी लखमा को 25 जनवरी 2025 को शराब घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया था। करीब एक साल जेल में रहने के बाद 3 फरवरी को सर्वोच्च न्यायालय से उन्हें अंतरिम जमानत मिली।
🔹 बजट सत्र में सीमित भूमिका
निर्देशों के अनुसार, लखमा अपने हिस्से की चर्चा में भाग ले सकेंगे, लेकिन किसी प्रकार का भाषण या सार्वजनिक प्रतिक्रिया देने की अनुमति नहीं है।



