मकर संक्रांति पर्व से पहले राजस्थान सरकार ने आमजन, पशु-पक्षियों और राहगीरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चाइनीज मांझे पर सख्त कार्रवाई करते हुए इसके विक्रय, भंडारण और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश नायलॉन व सिंथेटिक धागों तथा कांच व लोहे के चूर्ण से लेपित घातक मांझे पर लागू होगा।
🪁 पशु-पक्षियों की रक्षा के लिए सख्त कदम
पशुपालन एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पतंगबाजी हमारी परंपरा है, लेकिन किसी भी स्थिति में इससे पक्षियों और जानवरों की जान को खतरा नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि चाइनीज मांझा हर साल सैकड़ों पक्षियों की दर्दनाक मौत और लोगों के गंभीर रूप से घायल होने का कारण बनता है।
⚖️ NGT के निर्देशों का पालन
पशुपालन विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने बताया कि यह आदेश नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के दिशा-निर्देशों के तहत जारी किया गया है। सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखें और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें।
🏥 पक्षियों के लिए बचाव शिविर
राज्य के सभी जिलों में विशेष पक्षी चिकित्सा और रेस्क्यू शिविर भी लगाए जाएंगे, ताकि घायल पक्षियों का तुरंत इलाज हो सके। इसके अलावा जनता को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे।
🕊️ इन समयों में पतंगबाजी से बचें
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि सुबह 6 से 8 बजे और शाम 5 से 7 बजे के बीच पतंग न उड़ाएं, क्योंकि यही समय पक्षियों की अधिक उड़ान का होता है।
🧵 सुरक्षित विकल्प अपनाने की अपील
राज्य सरकार ने पतंग प्रेमियों से आग्रह किया है कि वे केवल सूती (कॉटन) मांझे का उपयोग करें, ताकि त्योहार खुशियों के साथ-साथ प्रकृति और जीवों के प्रति जिम्मेदारी का भी संदेश दे।




