नीति आयोग की बैठक में हिमाचल की पैरवी
नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की बैठक में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे। इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
राजस्व घाटा अनुदान पर रहेगा फोकस
नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री सबसे पहले राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) का मुद्दा रखेंगे। राज्य सरकार का कहना है कि आरडीजी बंद होने से हिमाचल को हर वर्ष हजारों करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हो रहा है।
विशेष वित्तीय सहायता की मांग
मुख्यमंत्री नीति आयोग की बैठक में केंद्र सरकार से विशेष वित्तीय पैकेज की मांग भी करेंगे। उनका तर्क है कि पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल प्रदेश की जरूरतें और चुनौतियां अन्य राज्यों से अलग हैं।
वन संरक्षण बोनस की उठेगी मांग
राज्य सरकार का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण में हिमाचल प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए नीति आयोग की बैठक में हर साल वन संरक्षण बोनस देने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा।
आपदा राहत राशि का मुद्दा
वर्ष 2023 में आई प्राकृतिक आपदा और बाढ़ से हुए भारी नुकसान की भरपाई के लिए लंबित केंद्रीय सहायता राशि जारी करने की मांग भी बैठक में की जाएगी। सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से उठाने की तैयारी में है।
बीबीएमबी बकाया भुगतान पर चर्चा
नीति आयोग की बैठक में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से जुड़े बकाया एरियर का मामला भी रखा जाएगा। राज्य सरकार इस भुगतान को जल्द सुनिश्चित करने की मांग करेगी।
हिमाचल के हितों पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री सुक्खू का उद्देश्य नीति आयोग की बैठक में हिमाचल प्रदेश के वित्तीय, पर्यावरणीय और विकास संबंधी हितों की प्रभावी पैरवी करना है, ताकि राज्य को आवश्यक सहायता और संसाधन मिल सकें।



