भारत की नियति है, सनातन के आधार पर आगे बढ़ना : राजकुमार मटाले

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📍 हल्द्वानी, 10 जून (हि.स.) — राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा आयोजित 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग के समापन पर अखिल भारतीय सह सेवा प्रमुख राजकुमार मटाले ने कहा कि भारत की नियति है कि वह दुनिया में सनातन के आधार पर खड़ा हो। उन्होंने कहा कि भारत की पारंपरिक कुटुंब व्यवस्था पूरी दुनिया के लिए आश्चर्य का विषय है और यही व्यवस्था भारत की आत्मा है।

🕉️ मुख्य वक्तव्य और विचार
मटाले ने कहा कि समाज को सहजता से कानून और कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। इसी भावना से भारत सशक्त और संगठित बन सकता है। उन्होंने कहा कि संघ प्रारंभ से सेवा के क्षेत्र में सक्रिय रहा है और आपदा के समय उसका योगदान अद्वितीय रहा है।

उन्होंने हालिया पहलगाम हमले पर कहा कि इसका दर्द पूरे देश ने महसूस किया, और सरकार की त्वरित कार्रवाई में संघ की जागरूकता की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है।

👪 भारत की कुटुंब व्यवस्था
उन्होंने कहा कि भारतीय कुटुंब प्रणाली प्रेम, त्याग और सहयोग का अद्वितीय उदाहरण है। यह केवल सामाजिक ढांचा नहीं बल्कि एक जीवनशैली है जो आज भी विश्व को प्रेरणा देती है।

🌱 पर्यावरण और संस्कृति का संरक्षण
मटाले ने कहा कि संघ न केवल सामाजिक सेवा में बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक एकता में भी अग्रणी रहा है। बीते 100 वर्षों में संघ ने समाज को जोड़ने का कार्य सतत रूप से किया है।

🎖️ समापन समारोह की झलक
समारोह में स्वयंसेवकों ने परेड, दंड संचालन, आपदा प्रबंधन, संरचनात्मक खेल और बचाव अभ्यास का प्रदर्शन किया। यह अनुशासन और संगठन की मिसाल थी।

🎙️ प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र, आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल, प्रफुल्ल चंद्र पंत, विभाग प्रचारक इन्द्र मोहन सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

📌 नज़र रखें: संघ शिक्षा वर्ग का दीक्षांत समारोह मंगलवार 10 जून 2025 को सुबह 7:45 बजे आयोजित होगा।

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