जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके और समाजसेवी सोनम वांगचुक की आमरण अनशन शुरू
आज 27 जून की सुबह जंतर-मंतर पर एक बड़ा जमावड़ा देखा गया। यहां पर सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके और समाजसेवी सोनम वांगचुक ने आमरण अनशन शुरू किया है। उनका यह अनशन केंद्र सरकार के द्वारा लागू किए गए नए कृषि कानूनों के विरोध में है।
सीजेपी प्रमुख का संदेश
सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने अपने अनशन की शुरुआत में कहा, “हमारी सरकार केंद्र सरकार के द्वारा लागू किए गए नए कृषि कानूनों के विरोध में है। ये कानून किसानों के हक्कों का उल्लंघन करते हैं और उन्हें गरीबी और भुखमरी की ओर धकेलते हैं। हम इन कानूनों को वापस लेने की मांग करते हैं।”
समाजसेवी सोनम वांगचुक का समर्थन
समाजसेवी सोनम वांगचुक ने भी अपने अनशन का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “हम किसानों के साथ हैं। हम उनके हक्कों की लड़ाई लड़ेंगे। हम इन कानूनों को वापस लेने की मांग करते हैं ताकि किसानों को उनके हक्कों का अधिकार मिले।”
आमरण अनशन का समर्थन
जंतर-मंतर पर जमा हुए लोगों ने भी अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा, “हम किसानों के साथ हैं। हम उनके हक्कों की लड़ाई लड़ेंगे। हम इन कानूनों को वापस लेने की मांग करते हैं।”
केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया
केंद्र सरकार ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हमारे द्वारा लागू किए गए नए कृषि कानूनों का उद्देश्य किसानों को फायदा पहुंचाना है। हम इन कानूनों को वापस नहीं लेंगे।”
निष्कर्ष
जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके और समाजसेवी सोनम वांगचुक का आमरण अनशन एक बड़ा घटनाक्रम है। उनका यह अनशन केंद्र सरकार के द्वारा लागू किए गए नए कृषि कानूनों के विरोध में है। हमें देखना होगा कि उनका यह अनशन कितना सफल होगा और केंद्र सरकार उनकी मांगों को कितनी बार समझेगी।


