सीजफायर का असर! कच्चे तेल में भारी गिरावट, WTI क्रूड 17% तक टूटा

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📉 सीजफायर के बाद तेल बाजार में गिरावट

अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 91.88 डॉलर प्रति बैरल तक लुढ़क गया, जबकि WTI क्रूड करीब 17% टूटकर 91.05 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

📊 पहले कहां थे भाव?

इससे पहले ब्रेंट क्रूड 109.27 डॉलर और WTI 112.95 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था। यानी एक ही दिन में तेल बाजार में तेज गिरावट देखी गई।

🌍 गिरावट की मुख्य वजह

यह गिरावट डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दो सप्ताह के सीजफायर की घोषणा के बाद आई। इसके तहत ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले रोकने की बात कही गई है।

⚠️ हॉर्मुज स्ट्रेट का बड़ा रोल

वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है। युद्ध के दौरान इस मार्ग के बाधित होने से कीमतें तेजी से बढ़ी थीं। अब इसके खुलने की उम्मीद से बाजार में राहत आई है।

📉 क्या गिरावट टिकेगी?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है। युद्ध के कारण बंद पड़े तेल कुओं, शिपिंग और रिफाइनरी सिस्टम को पूरी तरह सामान्य होने में समय लगेगा।

🇮🇳 भारत पर क्या असर?

ऊंचे तेल दाम भारत के चालू खाते के घाटे, महंगाई और रुपये की कमजोरी को बढ़ा सकते हैं। साथ ही इससे शेयर बाजार में भी अस्थिरता आ सकती है।

🔎 निष्कर्ष

फिलहाल सीजफायर से बाजार को राहत जरूर मिली है, लेकिन लंबे समय में कच्चे तेल की कीमतें फिर से 100 डॉलर के आसपास पहुंच सकती हैं।

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