मुआवजा देने में कठिनाई
वाराणसी में दालमंडी चौड़ीकरण मुआवजा देने के मामले में लोक निर्माण विभाग को नियमों का पालन करते हुए कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कई मंदिरों और उनके ट्रस्टों पर नगर निगम में मुस्लिम व्यक्तियों के नाम दर्ज पाए गए हैं।
नियमों का पालन जरूरी
लोक निर्माण विभाग और नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, किसी मंदिर ट्रस्ट की संपत्ति पर केवल वही नाम दर्ज हो सकता है जो नियम के अनुसार ट्रस्ट के सदस्य हों। गलत नाम होने से दालमंडी चौड़ीकरण मुआवजा देने में बाधा आ रही है।
संबंधित मंदिरों की स्थिति
श्रीगणेश जी ठाकुर जी विराजमान मंदिर पर निजामुद्दीन का नाम, सीताराम श्रीठाकुर, राधा कृष्ण और श्री ठाकुर सत्यनारायण जी महाराज मंदिरों पर अलाउद्दीन और सलाउद्दीन का नाम दर्ज पाया गया। एक अन्य मंदिर ट्रस्ट पर साजिद, जमाल और राशिद के नाम दर्ज हैं। इस मामले में सोमवार को संबंधित लोगों से वार्ता हो सकती है।
प्रशासन और पार्षद की प्रतिक्रिया
पार्षद इंद्रेश सिंह ने कहा कि नियमों के अनुसार ही मुआवजा देना जरूरी है। नियमों का पालन न होने पर यह सरकार की छवि को प्रभावित कर सकता है। मंदिरों पर किसी दूसरे समुदाय के लोगों के नाम दर्ज होने की जांच भी आवश्यक है।
मुआवजा प्रक्रिया में तेजी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सक्रियता के बाद लोक निर्माण विभाग दालमंडी चौड़ीकरण मुआवजा पर तेजी से काम कर रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि अक्टूबर माह में ध्वस्तीकरण कार्रवाई प्रारंभ की जा सके।