प्रदेश के अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की जड़ें मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा कई स्कूलों का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन इन स्कूलों के भवन जर्जर हो रहे हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। एक ऐसा ही स्कूल है जो प्रदेश के एक छोटे से गाँव में स्थित है, जहां स्कूल भवन की दीवारें जर्जर हो रही हैं।
दीवारों का विस्फोटक स्थिति
स्कूल भवन की दीवारें दिनों-दिन जर्जर होती जा रही हैं। अगर कोई सावधानी नहीं बरती जाए, तो भवन का कोलाप हो सकता है, जिससे बच्चों की जान जोखिम में पड़ सकती है। स्कूल के अधिकारियों ने कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
बच्चों का भविष्य खतरे में
स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य खतरे में है। अगर स्कूल भवन का कोलाप हो जाए, तो बच्चों की जान जाने का खतरा हो सकता है। इससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी और उनका भविष्य खराब हो सकता है।
स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता
स्थानीय प्रशासन ने इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। शिकायतें दर्ज करने के बाद भी प्रशासन ने किसी भी कार्रवाई का इशारा नहीं दिया है। इससे स्कूल के बच्चों और उनके माता-पिता परेशान हैं और उन्हें लगता है कि उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा।
सरकार की जिम्मेदारी
सरकार को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। स्कूल भवन की दीवारें जर्जर होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे सरकार की निष्क्रियता सामने आती है। सरकार को स्कूल भवन की मरम्मत के लिए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
निष्कर्ष
स्कूल भवन की दीवारें जर्जर होने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे स्कूल के बच्चों और उनके माता-पिता परेशान हैं। सरकार को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी और स्कूल भवन की मरम्मत के लिए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।


