दमोह में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ हुआ, जिसमें कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाई। यह अभियान बच्चों को पोलियो से मुक्ति दिलाने के लिए किया जाता है और इसे पूरे देश में एक महत्वपूर्ण अभियान माना जाता है।
पोलियो अभियान का महत्व
पोलियो एक ऐसी बीमारी है जो बच्चों को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है और यह बीमारी जीवनभर के लिए विकार छोड़ सकती है। लेकिन इसके इलाज का तरीका बहुत आसान है, जो कि पोलियो की दो बूंद लगाना है। इस अभियान का उद्देश्य है कि पोलियो के खतरे से बच्चों को बचाया जाए और वे स्वस्थ और सुरक्षित जीवन जी सकें।
कलेक्टर ने बच्चों को पोलियो की दो बूंद लगाई
दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बच्चों को पोलियो की दो बूंद लगाई और उन्हें पोलियो से मुक्ति दिलाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों को बताया कि पोलियो एक ऐसी बीमारी है जो बच्चों को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है, लेकिन इसके इलाज का तरीका बहुत आसान है। उन्होंने कहा कि पोलियो की दो बूंद लगाने से बच्चे पोलियो से मुक्ति पा सकते हैं और वे स्वस्थ और सुरक्षित जीवन जी सकते हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों का बढ़ाया उत्साह
दमोह में पोलियो अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों का उत्साह बहुत बढ़ गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने बच्चों को पोलियो की दो बूंद लगाई और उन्हें पोलियो से मुक्ति दिलाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों को बताया कि पोलियो एक ऐसी बीमारी है जो बच्चों को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है, लेकिन इसके इलाज का तरीका बहुत आसान है।
पोलियो अभियान की सफलता
दमोह में पोलियो अभियान की सफलता का मतलब है कि बच्चे पोलियो से मुक्ति पा रहे हैं और वे स्वस्थ और सुरक्षित जीवन जी रहे हैं। इस अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने बहुत मेहनत की और बच्चों को पोलियो की दो बूंद लगाई। उन्होंने बच्चों को पोलियो से मुक्ति दिलाने के लिए प्रेरित किया और उन्हें स्वस्थ और सुरक्षित जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित किया।
निष्कर्ष
दमोह में पोलियो अभियान का शुभारंभ हुआ, जिसमें कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाई। यह अभियान बच्चों को पोलियो से मुक्ति दिलाने के लिए किया जाता है और इसे पूरे देश में एक महत्वपूर्ण अभियान माना जाता है। इस अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने बहुत मेहनत की और बच्चों को पोलियो की दो बूंद लगाई। उन्होंने बच्चों को पोलियो से मुक्ति दिलाने के लिए प्रेरित किया और उन्हें स्वस्थ और सुरक्षित जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित किया।


