📌 सीएजी रिपोर्ट पर सख्त निर्देश
दिल्ली विधानसभा ने शराब विनियमन पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ऑडिट रिपोर्ट पर कार्रवाई के लिए समयसीमा तय कर दी है।
यह सीएजी शराब नीति रिपोर्ट दिल्ली मामले में अहम कदम माना जा रहा है।
📌 31 जनवरी 2027 तक देनी होगी रिपोर्ट
संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे 31 दिसंबर तक की स्थिति के आधार पर कार्यवाही रिपोर्ट तैयार कर 31 जनवरी 2027 तक जमा करें।
इससे सीएजी शराब नीति रिपोर्ट दिल्ली प्रक्रिया को समयबद्ध बनाया गया है।
📌 अध्यक्ष ने बताईं गंभीर कमियां
विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि आबकारी व्यवस्था में कई गंभीर खामियां पाई गईं।
इन कमियों के कारण करीब 2,026.91 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान है।
📌 सिस्टम में तकनीकी खामियां उजागर
रिपोर्ट में सामने आया कि ट्रैकिंग सिस्टम और बारकोड व्यवस्था कमजोर थी, जिससे बिक्री की निगरानी सही ढंग से नहीं हो पाई।
यह सीएजी शराब नीति रिपोर्ट दिल्ली में बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया।
📌 लाइसेंसिंग और मूल्य निर्धारण में गड़बड़ी
रिपोर्ट में लाइसेंस जारी करने और कीमत तय करने की प्रक्रिया में भी गंभीर त्रुटियां पाई गईं।
इससे कुछ लाइसेंसधारकों को अनुचित लाभ मिला।
📌 सुधार के लिए सिफारिशें
समिति ने ई-अबकारी पोर्टल लागू करने, ट्रैकिंग सिस्टम मजबूत करने और पारदर्शिता बढ़ाने की सिफारिश की है।
ये कदम सीएजी शराब नीति रिपोर्ट दिल्ली सुधार के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
📌 जवाबदेही तय करने पर जोर
समिति ने पिछली गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदारी तय करने और डेटा आधारित कार्रवाई करने की बात कही है।
यह सीएजी शराब नीति रिपोर्ट दिल्ली को प्रशासनिक जवाबदेही से जोड़ता है।



