🔹 दिल्ली में सेंट्रल रिज क्षेत्र बना आरक्षित वन
नई दिल्ली में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली सरकार ने सेंट्रल रिज के 673.32 हेक्टेयर क्षेत्र को आरक्षित वन घोषित कर दिया है।
यह फैसला भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 20 के तहत लिया गया है।
🔹 पर्यावरण संरक्षण को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस फैसले को राजधानी की प्राकृतिक विरासत और जैव विविधता की सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।
उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया तीन दशक से अधिक समय से लंबित थी।
🔹 दिल्ली के ‘ग्रीन लंग्स’ की सुरक्षा
दिल्ली रिज क्षेत्र अरावली पर्वतमाला का हिस्सा माना जाता है।
सेंट्रल रिज राजधानी के मध्य में स्थित है और इसे दिल्ली के “ग्रीन लंग्स” कहा जाता है।
यह क्षेत्र वायु गुणवत्ता सुधारने और जलवायु संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।
🔹 अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों पर लगेगी रोक
आरक्षित वन घोषित होने के बाद अब इस क्षेत्र में अतिक्रमण और पर्यावरणीय क्षति पर सख्ती से रोक लगाई जा सकेगी।
वन विभाग को संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन में भी मदद मिलेगी।
🔹 बड़े पैमाने पर लगाए जाएंगे देसी पेड़
दिल्ली सरकार ने रिज क्षेत्रों में नीम, पीपल, शीशम, जामुन, इमली और आम जैसे देसी पेड़ लगाने की योजना भी बनाई है।
सरकार का लक्ष्य हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ प्राकृतिक पारिस्थितिकी को मजबूत करना है।
🔹 पहले भी घोषित हो चुका है बड़ा रिज क्षेत्र
सरकार के अनुसार पिछले वर्ष दक्षिणी रिज के 4080.82 हेक्टेयर क्षेत्र को भी आरक्षित वन घोषित किया गया था।
अब तक कुल 4754.14 हेक्टेयर रिज क्षेत्र को कानूनी संरक्षण मिल चुका है।



