🏥 टीबी मुक्त भारत कार्यशाला: क्या हुआ आयोजन?
टीबी मुक्त भारत कार्यशाला धर्मशाला में आयोजित की गई।
धर्मशाला में डॉक्टरों और अधिकारियों ने भाग लिया।
इसका उद्देश्य टीबी उन्मूलन को मजबूत करना था।
🎯 अभियान का मुख्य लक्ष्य क्या है?
टीबी मुक्त भारत कार्यशाला में जनभागीदारी पर जोर दिया गया।
यह अभियान केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित नहीं है।
समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी बताई गई।
🗣️ विशेषज्ञों ने क्या कहा?
डॉ. राजेश कुमार सूद ने जानकारी साझा की।
उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन एक जनआंदोलन बनना चाहिए।
इसमें सभी विभागों का सहयोग जरूरी है।
🌿 आयुष विभाग की अहम भूमिका
टीबी मुक्त भारत कार्यशाला में आयुष विभाग की भूमिका पर चर्चा हुई।
ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष चिकित्सकों की भूमिका महत्वपूर्ण बताई गई।
यह मरीजों की पहचान और उपचार में मदद करेंगे।
🤝 सहयोग और जागरूकता पर जोर
टीबी मुक्त भारत कार्यशाला में जागरूकता बढ़ाने पर ध्यान दिया गया।
निक्षय पोर्टल और निक्षय मित्र अभियान को बढ़ावा देने की बात हुई।
इससे अभियान को गति मिलेगी।
👨⚕️ अधिकारियों का संदेश
डॉ. विवेक करोल ने सहयोग की अपील की।
डॉ. ब्रिज नंदन शर्मा ने सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।
🌟 क्या है इस पहल का महत्व?
टीबी मुक्त भारत कार्यशाला स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने का माध्यम है।
यह देश को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में अहम कदम है।



